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मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ जनसंघर्ष की तैयारी में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी

हर्षित शर्मा  | 17 Feb , 2020 12:09 PM
मोदी सरकार की नीतियों के खिलाफ जनसंघर्ष की तैयारी में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी

रायपुर। देश में नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी, एनपीआर सहित अन्य मुद्दों पर राजनीतिक संर्घष जारी है। केन्द्र की मोदी सरकार के फैसलों पर देश की विभिन्न राजनीतिक पार्टियां विरोध में है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता संजय पराते ने कहा कि मोदी सरकार की इन नीतियों के चलते देश में सामाजिक-राजनैतिक तनाव बढ़ रहे हैं और आम जनता का जीवन स्तर गिर रहा है। आर्थिक असमानता इतनी बढ़ गई है कि देश में एक करोड़ अमीरों के पास उतना धन एकत्रित हो गया है, जितना देश के 85 करोड़ गरीबों के पास है। उन्होंने कहा कि एक ओर तो मोदी सरकार नागरिकता कानून में संशोधन करके संविधान के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों पर हमला कर रही है, वहीं दूसरी ओर इसके खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन करने के नागरिक अधिकारों को बर्बरतापूर्वक कुचल रही है। तीसरा हमला देश की सार्वजनिक संपत्तियों को कॉर्पोरेट के हवाले करके देश की आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था पर किया जा रहा है। देश आर्थिक मंदी की चपेट में फंस गया है और बेरोजगारी, भूखमरी और गरीबी बड़ी तेजी से बढ़ रही है। किसानों की बढ़ती आत्महत्याओं के बाद अब व्यवसायी वर्ग भी आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहा है। यही मोदी का न्यू इंडिया है, जहां बहुसंख्यक आबादी रोजी-रोटी और जिंदा रहने की लड़ाई लड़ रही है। पराते ने कहा कि इन नीतियों के खिलाफ एक व्यापक जनसंघर्ष विकसित करने की कोशिश माकपा कर रही है।

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