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केन्द्र सरकार की नई शिक्षा नीति देश के युवाओं के साथ छलावा : घनश्याम तिवारी

रविशंकर शर्मा  | 01 Aug , 2020 10:22 PM
केन्द्र सरकार की नई शिक्षा नीति देश के युवाओं के साथ छलावा : घनश्याम तिवारी

रायपुर। मोदी सरकार की ओर से केंद्रीय शिक्षा नीति में 34 साल बाद बदलाव पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रवक्ता घनश्याम राजू तिवारी ने प्रतिक्रिया दी है। तिवारी ने कहा है कि यह बदलाव देश के युवाओं के साथ छलावा है। देश की भावी पीढ़ी, 21वीं सदी के भारत को गुमराह करने वाला निर्णय है। मानव संसाधन मंत्रालय ( एचआरडी ) का नाम बदलकर शिक्षा मंत्रालय कर दिया गया है। मोदी सरकार योजनाओं के नाम बदल कर देश की जनता को दिग्भ्रमित करना चाहती है। 10+2 मैट्रिक की पात्रता होती थी,जिसे खत्म कर दिया गया है। जो किसी भी सरकारी नौकरी के लिए प्रथम प्राथमिकता होती थी। नए आदेश में इन तथ्यों का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है। मतलब स्पष्ट है कि, देश में अब शिक्षित ना कहलाएं बेरोजगार। भाजपा मोदी सरकार की नई शिक्षा नीति एजेंडा, जिस प्रकार बेरोजगारी के आंकड़े प्रस्तुत करने वाले विभागों पर पाबंदी लगा दी गई है उसका यह पार्ट 2 है। तिवारी ने कहा कि, एक ओर भाजपा मोदी सरकार राष्ट्र पुनर्निर्माण और विश्व गुरु की बात की जाती है। दूसरी ओर अंग्रेजी जैसे विषय की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है,जबकि अंग्रेजी वैश्विक उच्चारण की भाषा है। मोदी सरकार देश के भविष्य से जुड़े हुए निर्णयों पर संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन नहीं कर रही है। शिक्षा नीति के बदलाव पर भारत के ढाई लाख पंचायतों, सात हजार ब्लॉक केंद्रों, सर्वदलीय सुझाव क्यों नहीं मांगा गया। इससे उत्पन्न होने वाली समस्याओं और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ को लेकर आने वाली पीढ़ी भाजपा मोदी सरकार को कभी माफ नहीं करेगी।

 

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