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केन्द्र को कोरोना केस के साथ रिकवरी और डेथ रेट को भी प्रमुखता से शुरू से ही बताना था : विकास उपाध्याय 

रविशंकर शर्मा  | 03 Sep , 2020 04:44 PM
केन्द्र को कोरोना केस के साथ रिकवरी और डेथ रेट को भी प्रमुखता से शुरू से ही बताना था : विकास उपाध्याय 

रायपुर। संसदीय सचिव व विधायक विकास उपाध्याय ने मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि, सरकार जिस तरह से अपनी प्राथमिकता में बदलाव लाई है, इस वजह से लोगों में दहशत का माहौल निर्मित हुआ है। शुरू में केन्द्र सरकार संक्रमण के मामले बताकर डर पैदा करते रही और अब जब लग रहा है कि, अर्थव्यवस्था को बचाना जरूरी है, जो वाकई में जरूरी भी है, तो रिकवरी रेट और डेथ रेट कम होने की बात पर केंद्रित हो गई है। जबकि होना यह चाहिए था कि, संक्रमण के मामलों के साथ-साथ उसकी रिकवरी रेट और डेथ रेट को भी उतनी ही प्रमुखता से शुरू में ही बताना चाहिए था। उपाध्याय ने कहा है कि,जिस गति से भारत में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं, इससे साफ जाहिर है मोदी सरकार इसे रोक पाने पूरी तरह असफल हुई है। उन्होंने कहा है कि, पिछले 5 दिनों में एक दिन में सबसे ज्यादा संक्रमण के मामलों में भारत पूरे विश्व में पहले स्थान पर पहुंच चुका है। एक दिन में सबसे अधिक संक्रमण के मामले अब तक किसी भी देश में भारत के आंकड़े के बराबर नहीं पहुंचे हैं। उन्होंने आशंका जाहिर की है कि, आने वाले दिनों में कुल संक्रमण के मामले में भी भारत पहले स्थान पर न पहुंच जाए, जो आज पूरे विश्व में तीसरे स्थान पर है।

विकास ने कहा है कि, छत्तीसगढ़ में बीजेपी के तमाम नेता अपने घरों में बैठकर सिर्फ आरोप प्रत्यारोप में लगे हुए हैं। जबकि उनकी भी मानवीय दृष्टिकोण से ये जिम्मेदारी बनती है कि, जनता के बीच जाएं और जागरुकता लाएं। अन्य राज्यों के आंकड़े बता कर घर बैठे राजनीति करने से कुछ नहीं होना है। छत्तीसगढ़ में देश भर से सबसे ज्यादा मजदूर अपने घरों में लौटे हैं। छत्तीसगढ़ में संक्रमण की मुख्य वजह भी यही है। बावजूद भूपेश सरकार पूरे दम खम के साथ इसका डट कर मुकाबला कर रही है।

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