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सीएए, एनसीआर और एनपीआर है जनविरोधी कानून  : कमलेश झाड़ी

कुशल चोपडा  | 17 Jan , 2020 07:55 PM
सीएए, एनसीआर और एनपीआर है जनविरोधी कानून  : कमलेश झाड़ी

बीजापुर। जिले के भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला इकाई बीजापुर के महासचिव ने देश में लागू सीएए, एनसीआर व एनपीआर का विरोध करती है और मोदी सरकार से मांग करती है कि बस्तर जैसे क्षेत्रों में ऐसे कानून का कोई औचित्य नही। इसीलिए मोदी सरकार को इस कानून को तत्काल वापस लेना चाहिए। इस कानून के तहत अपनी नागरिकता साबित करने के लिए जो मापदंड मोदी सरकार ने रखे गए है उन मापदंडो को पूरा कर पाना बस्तर जैसे क्षेत्रों में संभव ही नही है।ये सभी मापदंड संविधान सम्मत नही होने के कारण असंवैधानिक भी है। इस कानून के लागू होने से प्राचीन काल से निवास कर रहे लोगो पर सीधे प्रभाव पड़ेगा। उन लोगो के पास दस्तावेज नही होने से वे अपनी नागरिकता को सिद्ध नही कर पाएंगे और यहां के मूल निवासि कही और विस्तापित हो सकते है। इसलिए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला इकाई सीएए,एनसीआर व एनपीआर का पुरजोर विरोध करती है।

 

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