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छत्तीसगढ़ में अभी नहीं खुलेंगे स्कूल, वन विभाग का नाम बदलेगा,राज्य स्थापना दिवस पर नहीं होंगे बड़े कार्यक्रम

रविशंकर शर्मा  | 08 Oct , 2020 05:09 PM
छत्तीसगढ़ में अभी नहीं खुलेंगे स्कूल, वन विभाग का नाम बदलेगा,राज्य स्थापना दिवस पर नहीं होंगे बड़े कार्यक्रम

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास में कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति को देखते हुए स्कूल अभी पूर्ववत बंद रहेंगे।  छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आबंटन) नियम में संशोधन - वन विभाग का नाम संशोधित कर वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग किए जाने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण निधि- नियम 2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर कोरोना संकट काल को देखते हुए वृहद कार्यक्रम का आयोजन नहीं होगा, सिर्फ राज्य अलंकरण समारोह मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित होगा। कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि छत्तीसगढ राज्य औषधि पादप बोर्ड को पुनर्भाषित कर छत्तीसगढ़ आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा और औषधि पादप बोर्ड के नाम से पुर्नगठित करने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ राज्य में शासकीय अथवा नैसर्गिक स्त्रोत से औद्योगिक प्रायोजन, ताप विद्युत तथा जल विद्युत परियोजनाओं के लिए जल उपयोग के लिए 16 जनवरी 2020 से प्रचलित जल दरों में संशोधन प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इसके अनुसार भू-जल के औद्योगिक उपयोग के लिए निर्धारित जल दरों में 20 से 33 प्रतिशत तक की कमी किए जाने और भू-जल दरों पर प्राप्त जल कर की राशि पृथक से निर्मित किए जाने वाले भू-जल संरक्षण कोष में जमा की जाएगी। इस कोष का उपयोग भू-जल संवर्धन (रिचार्जिंग ) में किया जाएगा। स्वनिर्मित स्त्रोत की श्रेणी जिसे औद्योगिक जल दर निर्धारण संबंधी अधिसूचना में विलोपित कर दिया गया था,को मंत्री परिषद ने पुन:स्थापित किए जाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही स्वनिर्मित स्त्रोत की श्रेणी के लिए प्रचलित दर, जो कि नैसर्गिक स्त्रोत जलदर 5 रूपए प्रति घन मीटर है को कम कर 3.50 रूपए प्रति घन मीटर किया गया।

मुख्यमंत्री अधोसंरचना संधारण एवं उन्नयन प्राधिकरण का गठन एवं निधि नियम 2020 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। इस प्राधिकरण के गठन का उद्देश्य शिक्षा स्वास्थ्य एवं आवागमन से संबंधित संरचनाओं के रख रखाव एवं उन्नययन संबंधी कार्यों के वित्त पोषण की पूर्ति है। प्रधिकरण संबंधित विभाग एवं जिला प्रशासन को आवश्यक सलाह भी देगा। मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष होंगे। प्राधिकरण के दो उपाध्यक्ष होंगे जो विधायकों में से नामांकित होंगे।  राज्य मंत्रीमंडल के समस्त मंत्री, मुख्य सचिव, सचिव वित्त, सामान्य प्रशासन विभाग इसके सदस्य और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव /सचिव प्राधिकरण के सदस्य सचिव होंगे। राज्य शासन की ओर से इस प्राधिकरण में पांच सदस्य,  विधायक /समाज सेवी व विशेषज्ञ वर्ग से लिए जाएंगे। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिए छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित को बैंकों और वित्तीय संस्थाओं से ऋणों पर शासकीय प्रत्याभूमि के पुर्नवैधानिकरण का अनुमोदन किया गया। सभी सामाजों की सामाजिक संस्थाओं को रियायती दर पर अधिकतम 5000 वर्ग फुट भूमि के आवंटन  के प्रावधान को संशोधित कर  अब 7500 वर्ग फुट तक कर दिया गया है। जिला कलेक्टर के स्तर पर ही भूमि आबंटन की कार्रवाई की जाएगी।  छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण कार्यों के ठेकों में एकीकृत पंजीयन व्यवस्था के अंतर्गत नवीन ई श्रेणी का समावेश किए जाने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य प्रसंस्करण मिशन योजना की सभी चार योजनाएं 31 अक्टूबर 2024 तक लागू करने, राज्य स्तरीय अपीलीय फोरम के गठन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। कृषि आधारित ग्रामीण उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य प्रसंस्करण मिशन में वन अधिकार अधिनियम पट्टाधारी एवं सामुदायिक तथा वन संसाधन अधिकार प्राप्त ग्रामों को विशेष प्राथमिकता दिए जाने का निर्णय लिया गया। स्पंज आयरन एवं स्टील सेक्टर के उद्योगों के लिए विशेष पैकेज घोषित। क्षेत्रवार छूट 60 प्रतिशत से 150 प्रतिशत तक देय होगी।

 

 

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