GLIBS

भूपेश बघेल ने कहा मरवाही में जन्म लेकर दिल्ली तक सक्रिय रहे अजीत जोगी, जीते जी वे मिथक बन गए थे...

राहुल चौबे  | 25 Aug , 2020 01:15 PM
भूपेश बघेल ने कहा मरवाही में जन्म लेकर दिल्ली तक सक्रिय रहे अजीत जोगी, जीते जी वे मिथक बन गए थे...

रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी को श्रद्धांजलि देकर विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत हुई। प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे जीते जी मिथक बन गए थे। किदवंती बन गये थे भाषण, लेखनी से प्रभावित हुए बिना कोई नहीं रह सकता था। उनके जाने से प्रदेश और सदन को अपूरणीय क्षति हुई है। बघेल ने अजीत जोगी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि राजकुमार कॉलेज में उन्होंने कहा था मैं सपनों का सौदागर हूं। वे सर्वहारा वर्ग के लिए लड़ते रहे। जब सूखा पढ़ा तो कोष खाली था, उस वक़्त उन्होंने राहत दी, पानी की व्यवस्था दी। बड़ा काम था। नवगठित तीन राज्यों में छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था अच्छी रही। राज्य वित्तीय प्रबंधन अच्छा रहा है तो नींव मज़बूत रहा तो मकान अच्छा बना। बघेल ने कहा कि 2008 के 2013 के बीच सदन में आया था, तो उन्होंने कार में बैठते कहा कि भूपेश तुम सक्रिय रहते हो तो अच्छा रहता है।

वे सेंट्रल पॉइंट में राजनीति करते थे। उनकी जिजीविषा है कि मरवाही में जन्म लेकर दिल्ली तक सक्रिय रहे। उन्होंने मेडिकल साइंस को विफल साबित कर दिया। मेडिकल साइंस कहती थी 10 साल जीवित रहेंगे। मरवाही-पेंड्रा-गौरेला ज़िला बनने पर वो काफी खुश थे। उन्होंने कहा कि मैंने कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो पाया।इसके पूर्व अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने अजीत जोगी के उनके योगदान को याद किया। इस अवसर पर बलिहार सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री राजा नरेश सिंह, नक्सली घटना को शहीदों और भारत चीन सीमा में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने अजीत जोगी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे। आईपीएस और आईएएस के रूप में सफल हुए। शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया। अविभाजित मध्यप्रदेश में कलेक्टर के रूप में कई जिलों में उन्होंने काम किया। छत्तीसगढ़ में भी कलेक्टर के रूप में उन्होंने काम किया। कलेक्टर के रूप में काम करते हुए राजनीति के क्षेत्र से उनका जो लगाव उसे सब जानते हैं। राज्यसभा के सांसद के रूप में निर्वाचित हुए।

Author/Journalist owns and is responsible for views/news published and the publisher/printer is in no way liable for such content.