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भूपेश बघेल ने कहा-भले कोई अपनी पीठ थपथपा ले, प्रयास हमने किया और सफल हुए, बड़ी संख्या में लगाएंगे एथेनॉल प्लांट 

रविशंकर शर्मा  | 20 Oct , 2020 04:21 PM
भूपेश बघेल ने कहा-भले कोई अपनी पीठ थपथपा ले, प्रयास हमने किया और सफल हुए, बड़ी संख्या में लगाएंगे एथेनॉल प्लांट 

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकारवार्ता ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने धान से एथेनॉल बनाने फैक्ट्रियों से एमओयू कर लिया है। प्लांट लगाने जमीन तलाश की जा रही है, अगले साल तक कार्य शुरू होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ,उनके मंत्री, भाजपा भले ही अपनी पीठ थपथपा रहे हैं तो थपथपा ले, लेकिन सच तो यह है कि हमने प्रयास किया। फरवरी 2019 से हमने प्रयास किया, हमने निरंतर डेढ़ साल प्रयास किया। इसमें हमें सफलता मिली है। ये संभव हो पाया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कहा कि हमें केंद्र का पत्र मिला, कहा गया कि जहां बोनस दिया जाएगा वहां धान खरीदी नहीं करेंगे। इस स्थिति में हमने सोचा कि धान का दूसरा उपयोग क्या है। हमने एक कार्यशाला रखी और विस्तृत चर्चा हुई। लगातार कोशिश किए और भारत सरकार को पत्र लिखा कि हमें धान से एथेनॉल बनाने की अनुमति दी जाए। केन्द्रीय कृषि ,खाद्य और पेट्रोलियम मंत्री को पत्र लिखा। तब जाकर स्थिति बनी और अनुमति मिली। फिर बात आई कि इसका रेट क्या होगा, फिर लगातार प्रयास, आग्रह और दबाव डाला। आखिरकार फिर रेट की बात तय हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम धान के साथ ही गन्ना से भी छत्तीसगढ़ में एथेनॉल बनाएंगे। केन्द्र सरकार कृषि विरोधी कानूनों से मंडी खत्म करना चाहती है, किसानों को खत्म, एमएसपी खत्म करना चाहती है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली बंद करना चाहते हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि ऐसे स्थिति में हम किसानों के हित में छत्तीसगढ़ में बड़े स्तर पर प्लांट लगाएंगे। उन्होंने कहा कि हमने कहा कि यदि हिन्दूस्तान में इसका उत्पादन होगा तो विदेशी धन बचेगा। अनाज सड़े उसके बजाए एथेनॉल बन जाए, किसानों को रेट मिलेगा, नए उद्योग खुलेंगे और लोगों को रोजगार मिलेगा।

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