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अशोक गहलोत ने कहा, राष्ट्रपति के सामने लगाएंगे गुहार, पीएम निवास के बाहर करेंगे विरोध प्रदर्शन

ग्लिब्स टीम  | 25 Jul , 2020 05:54 PM
अशोक गहलोत ने कहा, राष्ट्रपति के सामने लगाएंगे गुहार, पीएम निवास के बाहर करेंगे विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली। राजस्थान में जारी सियासी घमासान में रोज नए मोड़ आ रहे है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधायक दल की बैठक में कहा कि जरूरत पड़ने पर हम राष्ट्रपति से मिलने राष्ट्रपति भवन जाएंगे और यदि आवश्यक हो, तो हम पीएम के निवास के बाहर भी विरोध प्रदर्शन करेंगे। अशोक गहलोत का यह बयान राज्यपाल कलराज मिश्र द्वारा विधानसभा का सत्र नहीं बुलाए जाने के संबंध में आया है। बता दें कि अशोक गहलोत अपने समर्थक विधायकों के साथ शुक्रवार को राजभवन पहुंचकर राज्यपाल से मुलाकात की थी और विधानसभा का सत्र बुलाए जाने की मांग की थी। राज्यपाल द्वारा सत्र नहीं बुलाए जाने पर कांग्रेस और उसके समर्थक विधायकों ने शुक्रवार को राजभवन में चार घंटे से अधिक समय तक धरना दिया।
शनिवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर के एक होटल में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक बुलाई और विधायकों से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा, "जरूरत पड़ने पर हम राष्ट्रपति से मिलने राष्ट्रपति भवन जाएंगे। यदि आवश्यक हो, तो हम पीएम के निवास के बाहर भी विरोध प्रदर्शन करेंगे।"

गहलोत ने कहा कि अगर राज्यपाल के कुछ सवाल हैं तो वह सचिवालय स्तर पर समाधान कर सकते हैं। उन्होंने कहा,'हमेशा विपक्ष मांग करता है कि विधानसभा का सत्र बुलाया जाए। यहां सत्ता पक्ष कह रहा है कि विधानसभा का सत्र बुलाया जाए जहां दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। वहीं विपक्ष कह रहा है कि हम ऐसी मांग ही नहीं कर रहे। यह क्या पहेली है। मुझे उम्मीद है कि कलराज मिश्र जिनका अपना एक व्यक्तित्व है और जिनका दिल्ली में भी पक्ष-विपक्ष सम्मान करता रहा है, वह दबाव में नहीं आएंगे क्योंकि उन्होंने संवैधानिक पद की शपथ ली है।' राजस्थान की 200 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के पास 107 और बीजेपी के पास 72 विधायक हैं। यदि 19 बागी विधायकों को अयोग्य करार दिया जाता है तो राज्य विधानसभा की मौजूदा प्रभावी संख्या घटकर 181 हो जाएगी, जिससे बहुमत का जादुई आंकड़ा 91 पर पहुंच जाएगा और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए बहुमत कायम रखना आसान होगा। 

 

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