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धान खुले में रखने,भीगने व रखरखाव संकट की जिम्मेदार प्रदेश सरकार का किसान विरोधी निर्णय : विष्णुदेव साय

राहुल चौबे  | 21 Nov , 2020 08:13 PM
धान खुले में रखने,भीगने व रखरखाव संकट की जिम्मेदार प्रदेश सरकार का किसान विरोधी निर्णय : विष्णुदेव साय

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने प्रदेश के कई स्थानों पर हुई बारिश और मौसम विभाग की बारिश को लेकर चेतावनी से प्रदेशभर के किसानों के सामने खड़ी हुई परेशानी और चिंता के लिए प्रदेश सरकार की लचर व्यवस्था और किसान विरोधी निर्णय को जिम्मेदार ठहराया हैं। उन्होंने कहा कि धान खरीदी में विलंब के कारण ही आज प्रदेश के किसानों के धान कटाई के बाद खुले में रखे रह गए और बारिश में भीग गए जिसकी जिम्मेदार प्रदेश की किसान विरोधी निर्णय करने वाली सरकार हैं। भारतीय जनता पार्टी प्रारम्भ से ही प्रदेश की किसान विरोधी षड्यंत्रकारी सरकार से 1 नवम्बर से धान खरीदी की मांग करती रही परंतु अपने आप को किसान पुत्र बताने वाले के नेतृत्व में यह सरकार लगातार किसान विरोधी निर्णय कर अपनी हठधर्मिता के चलते दिसंबर में धान खरीदी का फरमान सुनाती रही। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पूछा हैं कि आपकी हठधर्मिता के चलते प्रदेश का किसान दोहरी मार झेलने मजबूर हो गया हैं क्या आपको इसकी जिम्मेदारी नहीं लेनी चाहिए? विलंब से धान खरीदी के चलते प्रदेश के किसानों के सामने धान के रख रखाव का संकट था ही, प्रदेश सरकार के गलत निर्णय के चलते अपने धान को खुले में रखने मजबूर किसान की मुश्किलें बारिश ने और बढ़ा दी हैं।

क्या मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार विलंब से धान खरीदी के चलते बारिश में भीगे और धान खरीदी की तारीख आते आते खराब होने की संभावना वाले धान की जिम्मेदारी लेने तैयार हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से तत्काल प्रभाव से धान खरीदी करने, हर परिस्थिति में चाहे गीला धान हो, बारिश से नुकशान खाया धान हो तत्काल प्रभाव से खरीदने की मांग की हैं। साथ ही उन्होंने गीले धान और बारिश से नुकशान खाए धान को लेकर किसानों को धान खरीदी के दरमियान परेसान नहीं करने की भी हिदायत देते हुए मौसम विभाग की चेतावनी के बाद बारिश की संभावना को देखते हुए पंचायत स्तर पर धान को बारिश की मार से बचाने आवश्यक कदम उठाने किसानों को मदद पहुंचाने एवं बारिश के चलते जिन किसानों को नुकसान हुआ हैं उन्हें उचित मुआवज़ा देने की भी मांग की हैं।विष्णुदेव साय ने कहा कि यह दुर्भाग्यजनक हैं कि अपने आपको किसान हितैषी बताने वाली प्रदेश सरकार लगातार किसान विरोधी कृत्य कर रहीं हैं। यदि प्रदेश के किसानों और भाजपा की मांग के अनुरूप नवम्बर में धान खरीदी प्रारम्भ कर दी जाती तो आज धान के रखरखाव को लेकर किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा नहीं होता।

बारदाने की कमी का रोना रोने बहाना बनाने और राजनीति से प्रेरित होकर कार्य करने वाली प्रदेश सरकार गंभीरता दिखाती इच्छा शक्ति के साथ किसान हित में निर्णय करती तो प्रदेश के राशन दुकानों से बारदाने वापस मंगवाने सार्थक प्रयास करती। विष्णुदेव साय ने कहा कि किसानों के नाम पर केवल वोट की राजनीति करने वाली कांग्रेस और कांग्रेस की सरकार किसान विरोधी और व्यपारियों, बिचौलियों और दलालों की हितैषी हैं। जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आयी है षड्यंत्रपूर्वक धान खरीदी में विलंब किया जा रहा हैं जिसके पीछे व्यापारियों, बिचौलियों और दलालों के हाथों प्रदेश के किसानों को अपनी उपज औने पौने दामो पर बेचने मजबूर कर व्यापारियों, बिचौलियों और दलालों को लाभ पहुंचाना हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश का किसान कांग्रेस के राज में परेशानियों और चिंताओं से घिर गया हैं, जिसका प्रमाण बीते दिनों लगातार किसानों की आत्महत्या की घटना का सामने आना, गिरदावरी रिपोर्ट के नाम पर रकबा कम करने का षड्यंत्र कर किसानों को परेशान करना, धान खरीदी में षड्यंत्रपूर्वक विलंब करना जैसे अनेक उदाहरण हैं। 

 

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