GLIBS

मौसम विभाग बोला, चक्रवात 'वायु' ने रास्ता बदला, गुजरात तट से नहीं टकराएगा

मौसम विभाग बोला, चक्रवात 'वायु' ने रास्ता बदला, गुजरात तट से नहीं टकराएगा

नई दिल्ली। गुजरात सरकार ने चक्रवात 'वायु' से निपटने के लिए करीब तीन लाख लोगों को को तटीय इलाके से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। राज्य के सौराष्ट्र और कच्छ के निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया गया है। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने वायु से निपटने के लिए बुधवार को कैबिनेट की बैठक बुलाई। सभी सरकारी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। प्रभारी मंत्रियों को उनके जिलों में रहने की ताकीद की गई है। मुख्यमंत्री ने सभी पर्यटकों से किसी सुरक्षित जगह पर जाने के लिए कहा है। राज्य में समुद्र में मछली पकड़ने पर भी रोक लगा दी गई है। बंदरगाहों के लिए भी चेतावनी जारी की गई है। चक्रवात से निपटने के लिए वलसाड, गिर सोमनाथ, देवभूमि द्वारका, जामनगर, मांगरोल, पोरबंदर , कच्छ और अमरेली जिलों के तटीय क्षेत्रों में विशेष तैयारी की गई है।

-पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम राजीवन ने पीटीआई-भाषा से कहा, इसके (चक्रवात वायु के) तट से टकराने की संभावना नहीं है। यह केवल तट के किनारे से गुजरेगा। इसके मार्ग में हल्का बदलाव आया है। लेकिन, इसका प्रभाव वहां होगा, तेज हवाएं चलेंगी और भारी बारिश होगी।

- भारतीय मौसम विभाग, अहमदाबाद में वैज्ञानिक मनोरमा मोहंती ने कहा, गुजरात के तट से नहीं टकराएगा वायु चक्रवात। यह चक्रवात वेरावल, पोरबंदर, द्वारका के नजदीक से होकर गुजरेगा। तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाएं चलेंगी।

- पश्चिम रेलवे ने बुधवार को बताया कि चक्रवात वायु के चलते आने वाली संभावित आपदा को देखते हुये रेलवे ने 70 ट्रेनों को रद्द कर दिया और 28 ट्रेनों को गंतव्य से पहले ही रोकने का फैसला किया है।

Author/Journalist owns and is responsible for views/news published and the publisher/printer is in no way liable for such content.