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पोटाकेबिन के छात्र की इलाज के दौरान मौत,  परिजनों ने लगाया अधीक्षक पर लापरवाही का आरोप 

ग्लिब्स टीम  | 23 Aug , 2019 10:30 PM
पोटाकेबिन के छात्र की इलाज के दौरान मौत,  परिजनों ने लगाया अधीक्षक पर लापरवाही का आरोप 

बीजापुर। बीजापुर जिले में एक बार फिर आवासीय विद्यालय में एक मासूम के दम तोडऩे की खबर आई है। पोटाकेबिन प्रबंधन और राजीव गांधी शिक्षा मिशन कटघरे में है। यहां चिन्नाकोड़ेपाल स्थित पोटाकेबिन में अध्ययनरत पहली कक्षा के एक छात्र की मौत हो गई है। बच्चे की तबीयत खराब होने के बाद उसे जगदलपुर रिफर किया गया था। अस्पताल में उसने बीती रात दम तोड़ दिया। परिजनों ने अधीक्षक पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। परिजनों ने बताया कि गुरुकुल आवासीय विद्यालय (पोटाकेबिन) चिन्नाकोड़ेपाल में नीरवेज लेकम (9) ने इसी वर्ष पहली कक्षा में दाखिला लिया था। 14 अगस्त को नीरवेज की तबीयत बिगडऩे पर उसे मोदकपाल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार कराने के बाद पोटाकेबिन लाया   गया था। 15 अगस्त को नीरवेज के पिता वंजा लेकाम रक्षाबंधन के लिए अपने बेटे को घर ले जाने के लिए पोटाकेबिन पहुंचा लेकिन अधीक्षक ने बच्चे के बीमार होने की जानकारी उसे नहीं दी। और न ही बच्चे को घर जाने दिया। 20 अगस्त को छात्र की फिर से तबीयत बिगडऩे पर उसे बीजापुर से जगदलपुर रिफर कर दिया। यहां गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात बच्चे की मौत हो गई। मृतक छात्र के पिता वंजा लेकाम, गांव के अनिल नक्का व मंगू लेकाम ने इसके लिए अधीक्षक को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि जब बच्चे की तबीयत खराब थी तो अधीक्षक ने परिजनों को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी? समय पर सही इलाज मिलता तो बच्चे की जान बच जाती। इधर अधीक्षक भूपेंद्र झाड़ी का कहना है कि बच्चे का हर सम्भव इलाज कराया गया था।  शुक्रवार को कोयाईटपाल में मृतक छात्र का परिजनों ने  अंतिम संस्कार किया।

कुशल चोपड़ा की रिपोर्ट 

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