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लैंगिक उत्पीडऩ के संबंध में लगी एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला 

लैंगिक उत्पीडऩ के संबंध में लगी एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला 

मुंगेली। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव शैलेष शर्मा की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में महिलाओं का कार्य स्थल पर लैंगिक उत्पीडऩ (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 के संबंध में एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। उन्होंने सिविल सेवा आचरण अधिनियम के संबंध में जानकारी दी। इस अधिनियम के अंतर्गत महिलाओं से कार्य लिया जा सकता है। कार्यशाला में शिक्षा का अधिकार अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया कि 6 वर्ष से 14 वर्ष तक के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा का प्रावधान है। इसी अनुसार माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल अवश्य भेजें। उन्होंने महिला बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारियों से कहा कि यदि गांव के घूमने-फिरने वाले बच्चे शिक्षित होते है तो अपराध कम हो जाएगा। बाल संरक्षण एवं बाल अपराध के रोकथाम के संबंध में भी जानकारी दी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव शैलेष शर्मा ने कहा कि जिला कार्यक्रम अधिकारी और जिला बाल संरक्षण अधिकारी किशोर न्याय बोर्ड में सदस्य के लिए प्रयास करें। उन्होंने कहा कि पास्को एक्ट का दुरूपयोग न हो। भीख मांगना और भीख मंगवाना अपराध है। इस दिशा में महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों को पहल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मानसिक रूप से विक्षिप्त या लावारिस व्यक्ति घूमते मिलते हंै तो सूचित करें तथा निकट के मानसिक अस्पताल सेंदरी बिलासपुर में भर्ती कराने की कार्यवाही करें। उन्होंने महिला अधिकारी-कर्मचारियों से कहा कि जागो और लोगों को जगाओ। इस मौके पर महिला बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेंद्र कश्यप, जिला बाल संरक्षण अधिकारी शुक्ला, परियोजना अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।