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लोगों में डर पैदा करने निर्दोषों की हत्या करते हैं नक्सली : मनीष पारेख

ग्लिब्स टीम  | 15 Apr , 2019 10:25 PM
लोगों में डर पैदा करने निर्दोषों की हत्या करते हैं नक्सली : मनीष पारेख

रायपुर। नक्सलियों के दंडकारण्य स्पेशल जोन और दरभा डिवीजन कमेटी के सचिव साईंनाथ द्वारा पत्र जारी कर दन्तेवाड़ा विधायक भीमा मंडावी को हिंदूवादी नेता बताकर उनकी हत्या करने के स्पष्टीकरण पर भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य और नक्सल विरोधी नेता मनीष पारेख ने कहा है कि नक्सली बहाना बना रहे हैं। दन्तेवाड़ा विधानसभा और पूरे बस्तर संभाग के अधिकांश बीजेपी और कांग्रेसी नेता धार्मिक हैं, समूचे बस्तर संभाग सहित छत्तीसगढ़ में सभी धर्मों के लोग आपसी भाईचारे से रहते हैं। ऐसे में  एक आस्थावान विधायक भीमा मंडावी की नक्सलियों ने हत्या कर दी। मनीष पारेख ने कहा कि विधायक भीमा मंडावी शिक्षा के प्रति बेहद संवेदनशील और जागरूक थे। वे विधायक के तौर पर दन्तेवाड़ा विधानसभा में शिक्षा को बढ़ावा देकर ग्रामीणों को जागरूक करने का प्रयास कर रहे थे। चूंकि लोगों की जागरुकता और विकास नक्सलियों के सबसे बड़े शत्रु हैं इसलिए वे बस्तर में शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास को बाधित करने के लिए तथा लोगों में डर पैदा करने के लिए निर्दोषों की हत्या करते हैं। मनीष पारेख ने नक्सलियों से पूछा है कि सड़क निर्माण में लगे गरीब व्यक्तियों की हत्या का क्या जवाब है नक्सलियों के पास? मुखबिरी के नाम पर निर्दोष ग्रामीणों की हत्या का क्या जवाब है? गांवों में सड़क, पानी, स्कूल, आंगनबाड़ी का विरोध क्यों करते हैं जबकि ये आवश्यकता ही नहीं अधिकार है जनता का। फागुन मेला देखने जा रहे परिवार को बम से उड़ा दिया, जिसमें दो गर्भवती महिलाओं सहित छोटी बच्ची भी थी, वे कौन से हिंदूवादी थे? मनीष पारेख ने कहा कि नक्सली बस्तर में अपना डर कायम रखने के लिए किसी की भी हत्या कर सकते हैं। नक्सली किसी विचारधारा की लड़ाई नहीं लड़ रहे हैं। मनीष पारेख का कहना है कि वे आगामी दिनों में परमार्थ संस्था के जरिए नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जनजागरण का कार्य करेंगे और नक्सलियों को बेनकाब करेंगे।

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