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एक लाख से अधिक संदिग्ध लेन-देन पर चुनाव आयोग की नजर

ग्लिब्स टीम  | 15 Apr , 2019 09:04 PM
एक लाख से अधिक संदिग्ध लेन-देन पर चुनाव आयोग की नजर

रायपुर। लोकसभा चुनाव में मतदाताओं को धनबल से रिझाने को लेकर चुनाव आयोग निगरानी रख रहा है। इसके लिए एक लाख रुपए से अधिक हर संदिग्ध लेन-देन की जानकारी आयोग ने सभी बैंकों से मांगी है। भारत निर्वाचन आयोग के व्यय प्रेक्षकों ने इस संबंध में सोमवार को जिला कलेक्टोरेट स्थित रेडक्रास भवन में जिले के 66 बैंकों के अधिकारियों की बैठक ली।

    व्यय प्रेक्षकद्वय कुमार अजीत और जाधवर विवेकानंद राजेंद्र ने बैंक अधिकारियों से कहा कि वे दो तरह से मानीटरिंग करें। पहला एक लाख से 10 लाख रुपए और दूसरा 10 लाख रुपए से अधिक रकम के लेन-देन का रिकार्ड चेक करें, यदि इन दोनों तरह के लेन-देन में किसी तरह का संदेह होता है तो तत्काल जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष के दूरभाष क्रमांक 0771-2435444 पर सूचित करें। इसमें नगद लेन-देन के साथ मनी ट्रांसफर, आरटीजीएस, अकाउंट ट्रांसफर सहित सभी तरह के रिकार्ड की निगरानी की जानी है। व्यय प्रेक्षक कुमार अजीत ने बैंक अधिकारियों से कहा कि चुनाव आचार संहिता लगने के बाद से किसी बैंक ने एक भी संदिग्ध लेन-देन की जानकारी नहीं पकड़ी है, सभी अपनी रिपोर्ट निरंक भेज रहे हैं। ऐसा संभव नहीं है कि एक लाख से अधिक लेन-देन नहीं हो रहे हों। इसकी जानकारी प्रतिदिन सुबह भेजी जानी है। यदि बैंक को इसमें कुछ संदिग्ध लगता है तो उसकी तत्काल सूचना देनी है। उन्होंने कहा कि 14 मार्च से आज तक हुए लेन देन की जानकारी शाम तक उपलब्ध कराई जाए तथा मंगलवार सुबह से 24 अप्रैल में तक रिपोर्ट रोजाना सुबह आयोग को भेजा जाना सुनिश्चित करें। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजीव पाण्डेय, एलबीएम प्रवेश चौहान सहित 66 बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

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