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मार्च माह में हुई उपभोक्ता फोरम में सबसे ज्यादा सुनवाई, 100 उपभोक्ताओं को मिली राहत

अखिलेश तिवारी  | 01 May , 2019 03:35 PM
मार्च माह में हुई उपभोक्ता फोरम में सबसे ज्यादा सुनवाई, 100 उपभोक्ताओं को मिली राहत

रायपुर। छत्तीसगढ़ उपभोक्ता फोरम ने मार्च में उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है। मार्च माह में 484 केस दायर किए गए थे। इसमें से 102 पर फैसला उपभोक्ता के पक्ष में दिया गया है। वही राजधानी रायपुर में 82 का निराकृत कर दिया गया है, जो 20 लाख रकम में केस दायर किया गया था। सभी जिलों की बात की जाए तो 20 जिलों में 7080 केस आए थे 261 केस को तत्काल खारिज भी कर दिया गया था। 7341 केसों को फ़ाइल किया गया और अब तक 341 पर सुनवाई हो गई है। साथ ही 7000 केस पेंडिंग है। मिली जानकारी के अनुसार 90 दिनों में 75 केसों की सुनवाई हुई थी। 150 दिनों में 19 अभी तक 102 शिकायतों की सुनवाई की जा चुकी है। वही शिकायतों की बात किया जाए तो बैंक के मामले 72 है, जिसमे से 12 की सुनवाई हो गई है। मेडिकल में 51 शिकायतों में 7 पर विचारधीन और एक कि सुनवाई हुई है। वही घर लेनदेन सम्बंदित मामले सबसे ज्यादा आए हैं। इसमें 36 पर विचार किया जा रहा है साथ ही 14 कि सुनवाई की जा चुकी है। अन्य मामलों में 90 शिकायत किया गया है। 38 पर विचारधीन है और 44 कि सुनवाई की जा चुकी है। टोटल पेंडिंग मामले 494 विचारधीन में 117 और 102 कि सुनवाई की जा चुकी है।

लोगों को जागरूकता के लिए लगाए जाते है शिविर

उपभोक्ता फोरम जिला व राज्य स्तरीय शिविर लगाकर लोगो को जागरूक करने के लिए हाल ही में किया गए प्रयास के बाद मामले खुल कर सामने आने लगे है। बताया जा रहा है कि मामलों की सुनवाई अधिकतर उपभोक्ता के पक्ष में ही किया जाता है। बारीकी से देख कर सही न्याय मिलने से उपभोक्ता ठगे जाने से कई बार बच रहे है। 

रेलवे के मामले में शिकायत कम

उपभोक्ता को जब रेलवे डिपार्टमेंट ने एक व्यक्ति को ठगने का मामला सामने आया तो  उपभोक्ता फोरम ने मामले दर्ज कराने के लिए रेलवे के पास भी शिविर लगा कर जागरूकता फैलाने का काम जनवरी माह में किया था। तब से अभी तक रायपुर जिले में 23 मामले सामने आए है। इसमें दो पर विचार किया जा रहा है एक कि सुनवाई हो चुकी है। इसमें उपभोक्ता को ठगे जाने वाले मामले पर 1 लाख का जुर्माना लगाया गया था। 

शिकायत की प्रक्रिया आसान

उपभोक्ता फोरम में अगर आप न्याय चाहते है तो तत्काल आप 10 रुपये का फार्म लेकर शिकायत कर सकते हैं। अपना पक्ष स्वयं को रखना होता है। जिसके बाद आप को एक निर्धारित दिनांक मिलने के बाद बुलाया जाता है साथ ही, जिसके खिलाफ आप शिकायत किए रहते हैं। दोनों पक्षो को सुनने के बाद फैसले पर न्यायाधीश विचार करते हैं।

 

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