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आयुर्वेदिक चिकित्सक भी लिख सकेंगे एलोपैथिक दवा 

शुकदेव वैष्णव  | 07 Dec , 2018 07:39 PM
आयुर्वेदिक चिकित्सक भी लिख सकेंगे एलोपैथिक दवा 

सरायपाली। अब आयुर्वेदिक चिकित्सक भी एलोपैथिक दवा लिख सकेंगे। बता दें कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सन् 2013 में नर्सिंग होम एक्ट का गठन किया गया था। इसमें आयुर्वेद चिकित्सकों को पूर्व में कर रहे एलोपैथिक चिकित्सा के अधिकार को समाप्त कर दिया गया था। आदेश उपरांत छत्तीसगढ़ के समस्त आयुर्वेद चिकित्सकों द्वारा शासन से पुन: एलोपैथिक चिकित्सा का अधिकार देने की मांग की जा रही थी। शासन द्वारा 4 साल बाद 2017 में पुन: उनके एलोपैथिक दवाई लिखने के अधिकार को मान्य कर दिया गया था।

किन्तु आईएमए द्वारा शासन के आदेश का विरोध करते हुए उक्त आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई, जिसमें लम्बी लड़ाई लडऩे के बाद विगत 29 नवम्बर को हाईकोर्ट ने आयुर्वेद चिकित्सकों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उन्हें एलोपैथिक दवाई लिखने का अधिकार पुन: मान्य किया है। कोर्ट के इस आदेश से समस्त आयुर्वेद चिकित्सकों में हर्ष व्याप्त है। आयुर्वेद चिकित्सक आयुर्वेद महासंघ महासमुंद के जिलाध्यक्ष नरेंद्र सिंह प्रेम, उपाध्यक्ष देवेंद्र देवता, दीपक हलवाई, आशीष दास, सचिव शिवाजी साहू, देवेंद्र प्रधान, लंबोदर भोई, अजय नायक, जयराम पटेल, शैलेंद्र प्रधान, प्रवीण नायक, देवकांत प्रधान, विजय चंद्राकर, नीलाम्बर पटेल, जय पटेल आदि ने इसे आयुर्वेद चिकित्सकों के पक्ष में अपनी बड़ी जीत बताई है।