GLIBS

वर्ल्ड रेडक्रॉस डे विशेष : कोरोना महामारी के दौर में अपने अन्दर के स्वयंसेवक को पहचाने

राहुल चौबे  | 07 May , 2020 06:48 PM
वर्ल्ड रेडक्रॉस डे विशेष : कोरोना महामारी के दौर में अपने अन्दर के स्वयंसेवक को पहचाने

रायपुर।‘वर्ल्ड रेड क्रॉस डे’ को मनाने का उद्देश्य आपदा या युद्ध की स्थिति में फंसे लोगों को इस स्थिति से बाहर निकालना और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों की मदद करना है। अंतर्राष्ट्रीय रेडक्रॉस सोसायटी के संस्थापक,सन्1901 में नोबेल पुरस्कार पाने वाले पहले व्यक्ति जीन हेनरी ड्यूनेंट के जन्मदिन के अवसर पर हर वर्ष 8 मई को दुनिया भर में ‘वर्ल्ड रेडक्रॉस डे’ मनाया जाता है।वर्ल्ड रेडक्रॉस डे पर ‘इंटरनेशनल रेडक्रॉस और रेड क्रेसेंट मूवमेंट के सिद्धांतों को बढ़ावा देना और इसकी खुशी मनाना है। वर्ल्ड रेड क्रॉस डे ‘इंटरनेशनल रेड क्रॉस सोसायटी के वॉलंटियर और उनके काम को समर्पित होता है।कोरोना महामारी(कोविड-19) में लोगों को जागरूक करने की प्रक्रिया अनवरत रूप से चल रही है। रेडक्रास के राज्य प्रभारी समीर यादव ने बताया इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष एवं राज्यपाल अनुसुइया उइके के मार्गदर्शन में जिला शाखाओं द्वारा कोविड-19 के संक्रमण के रोकथाम में प्रदेश में 1000 रेडक्रॉस वालेंटियर्स सेवाएं दे रहे हैं,जिससे लगभग 18000 लोगो को राहत पहुचांई गई है।


उन्होंने बताया रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा मास्क एवं सेनेटाइजर का वितरण,सोशल डिस्टेंसिंग के लिए जागरूकता कार्यक्रम,सामुदायिक किचन,और क्वारेंटाइन किये गए लोगो के लिए दैनिक आपूर्ति की सामग्री बांटी जा रही है। जन जागरूकता के लिए पम्पलेट और अन्य सामग्री का वितरण एवं जगदलपुर जेल से लगभग 10,000 मास्क एवं आजीविका  मिशन से लगभग 15,000 कपड़ों के मास्क क्रय कर वितरण भी किया गया है।अंतरराष्ट्रीय स्वयं सेवक दिवस के रूप में मनाया जाने वाला वर्ल्ड रेडक्रॉस डे ‘इंटरनेशनल रेड क्रॉस सोसायटी’ के वॉलंटियर और उनके काम को समर्पित होता है। भारत में इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी ब्लड बैंक और टीबी को लेकर प्रमुख रूप से काम कर रही है। भारत में रेडक्रॉस की 700 से अधिक ब्रांच हैं
हर वर्ष ‘वर्ल्ड रेड क्रॉस डे’ दुनिया भर में लोगों का जीवन बचाने के लिए मनाया जाता है। इस सोसाइटी का नारा है:`अपने अन्दर के स्वयं सेवक को पहचानें’। इसके मुख्य सिद्धांतों में मानवता, स्वतंत्रता, निष्पक्षता, तटस्थता, सार्वभौमिकता, स्वैच्छिकता और एकता शामिल हैं।

Author/Journalist owns and is responsible for views/news published and the publisher/printer is in no way liable for such content.