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विश्व एंटीबॉयटिक जागरुकता सप्ताह : चिकित्सा महाविद्यालय में हुए कई आयोजन

राहुल चौबे  | 20 Nov , 2019 07:22 PM
विश्व एंटीबॉयटिक जागरुकता सप्ताह : चिकित्सा महाविद्यालय में हुए कई आयोजन

 

रायुपर। चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर के व्याख्यान कक्ष  04 में  20 नवंबर को  विश्व एंटीबॉयटिक जागरुकता सप्ताह के अंतर्गत एंटीबॉयटीक संबंधित मुख्तलिफ विषयों पर विभिन्न आयोजन किए गए। इस समारोह का औपचारिक उद्घाटन चिकित्सा महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. आभा सिंह ने किया। इन गतिविधियों में महाविद्यालय के एमबीबीएस द्वितीय और जूनियर फायनल वर्ष के विद्यार्थियों ने भाग लिया। रेशनल यूज आफ एंटीबॉयोटिक विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता, एंटीबॉयोटिक के प्रति विषाणुओं द्वारा लगातार प्रतिरोध उत्पन्न कर लेने की समस्या पर एक सेमीनार और इनसे बचाव के लिये किये जा रहे उपायों पर स्लोगन प्रतियोगितायें आयोजित की गई। डॉ. अरवन्दि नेरल ने जानकारी दी कि ये गतिविधियां महाविद्यालय के माईक्रोबायोलॉजी, कम्युनिटी मेडिसीन और फारमाकोलॉजी विभागों के मार्गदर्शन में की गई है। एंटीबॉयटिक   के दुरूपयोग से होने वाली समस्याओं और इनके सही इस्तेमाल के प्रति जागरुकता विकसित करने के उद्देश्य से ये आयोजन किये गए।  इस कार्यक्रम में डॉ. निकिता शेरवानी, डॉ. मंजू अग्रवाल, डॉ. कमलेश जैन, उषा जोशी, डॉ. रूपम गहलोत, डॉ. सुचिता नेताम एवं अन्य चिकित्सा शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।  सेमीनार में द्वितीय एमबीबीएस के तन्वी जैन, वर्तिका अग्रवाल, सोनी पाल, तृषा दुआ एवं नीलम सतरंज ने इस विषय पर गंभीर एवं शोधपरक, ऑडियो विजुअल प्रस्तुति के माध्यम से व्याख्यान दिया। इस कार्यक्रम में छात्राओं द्वारा स्लोगन के माध्यम से लोगों में एंटीबायोटिक के उपयोग के संबंध में जानकारी दी गई।  स्लोगन प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार अंजली कश्यप व द्वितीय पुरस्कार आकांक्षा तिवारी को मिला। पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार कविता कोसले एवं समूह, द्वितीय पुरस्कार वोमिका बघेल व तृतीय पुरस्कार अनिमेष अवधिया को दिया गया। 

 

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