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स्व-सहायता समूह से जुड़कर बदलाव की कहानियां गढ़ रही है महिलाएं, आत्मनिर्भर बनाने चलाया जा रहा है सीआरपी चक्र

ग्लिब्स टीम  | 10 Dec , 2020 03:56 PM
स्व-सहायता समूह से जुड़कर बदलाव की कहानियां गढ़ रही है महिलाएं, आत्मनिर्भर बनाने चलाया जा रहा है सीआरपी चक्र

रायपुर\महासमुंद। घरों की चारदीवारी और मजदूरी करने तक सीमित रहने वाली महिलाएं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान, अंतर्गत स्व-सहायता समूह से जुड़कर बदलाव की कहानियां गढ़ रही है। महासमुन्द विकासखण्ड के ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को समूह से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए सीआरपी चक्र चलाया जा रहा है तथा आमसभा का आयोजन भी किया जा रहा है। ग्राम पंचायत बावनकेरा में समूह के गठन के लिए कार्यक्रम हुआ। इस अवसर पर संसदीय सचिव और महासमुन्द के विधायक विनोद चन्द्राकर ने महिलाओं को बिहान योजना से जुड़कर आजीविका गतिविधि कर आत्मनिर्भर बनने और अतिरिक्त आय उपार्जन करने पर जोर दिया है। समूह से जुड़ी महिलाओं ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समूह से जुड़ने से हमारी जैसी महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता बढ़ती है। इससे हम जैसी महिलाओं को अपने-अपने हुनर के अनुरूप प्रशिक्षण प्राप्त कर हम अपनी आजीविका अच्छी तरह से चला सकते हैं। इसके अलावा समूह में रहते हुए भी घर के कार्याें और पारिवारिक दायित्वों का भलीभांति निर्वहन कर रहे हैं। इससे ग्रामीण अंचल की महिलाएं समूह की महिलाओं को अपना रोल माॅडल मानने लगी है।

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