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क्या सिर्फ कैंडल ही जलाते रहेंगे या नरपशुओं का खात्मा होगा? छत्तीसगढ़ की बेटी भी हवस की आग में स्वाहा

सोनम शर्मा  | 02 Dec , 2019 04:55 PM
क्या सिर्फ कैंडल ही जलाते रहेंगे या नरपशुओं का खात्मा होगा? छत्तीसगढ़ की बेटी भी हवस की आग में स्वाहा

रायपुर। हवस की आग में छत्तीसगढ़ की एक बेटी स्वाहा हो गई। हैदराबाद की बेटी डॉ प्रियंका की चिता की राख ठंडी भी नहीं हो पाई कि छत्तीसगढ़ में भी नर पशुओं ने हवस का नंगा नाच कर दिखाया। राजधानी के करीब ही नकटी गांव में एक 25 वर्षीय युवती की अधजली लाश मिलने से सनसनी फैल गई। युवती की लाश के करीब ही 4 साल के एक बच्चे की जली लाश मिली है। ऐसा माना जा रहा है कि दोनों मां-बेटे हो सकते है और वे हवस के पुजारियों का शिकार हुए हैं। नकटी ग्राम में राइस मिल के करीब दो अधजली लाश मिलने से पुलिस फौरन हरकत में आई। खुद एसएसपी आरिफ शेख घटनास्थल पर पहुंचे। एफएसएल की टीम भी तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। लेकिन तब तक खबर आग की तरह छत्तीसगढ़ में फैल गई। भाजपा के नेता प्रतिपक्ष व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने तो यहां तक कह दिया कि छत्तीसगढ़ अपराधगढ़ बन गया है। सवाल राजनीतिक बयानबाजी या आरोप-प्रत्यारोप का नहीं है? सवाल इस बात का है राजधानी के करीब इतनी जघन्य वारदात कैसे हो गई? क्या अपराधियों में पुलिस का जरा भी खौफ नहीं रहा? इससे पहले भी सरगुजा क्षेत्र में एक महिला की अधजली लाश मिल चुकी है। हैदराबाद की डॉ प्रियंका रेड्डी की चिता की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई है कि छत्तीसगढ़ की एक बेटी हवस की आग में स्वाहा हो गई। इसे या तो अपराधियों का बढ़ता हौसला कहा जा सकता है या फिर पुलिस की बढ़ती नाकामी। दोनों ही एक समान है और दोनों का ही नतीजा है की एक महिला को उसके बच्चे के साथ जला दिया जाता है। फिर सवाल इस बात का नहीं है कि वारदात कैसे हुई? सवाल इस बात का है कि  वारदात क्यों हुई? सवाल इस बात का नहीं है की दरिंदे कब पकड़े जाएंगे? सवाल इस बात का है ये दरिंदगी कब खत्म होगी? सवाल इस बात का भी नहीं है कि क्या इस घटना का विरोध होगा या नही? सवाल इस बात का है ऐसी घटनाएं होना बंद होंगी या नहीं? सवाल सिर्फ कैंडल जलाकर मार्च करने का नहीं है? सवाल है ऐसे नर पशुओं के खात्मे का। अगर नर पशु ऐसे ही खुले घूमते रहेंगे तो फिर कैसे बचाओगे बेटी? कैसे पढाओगे बेटी? कैसे आगे बढाओगे बेटी?

 

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