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 छत्तीसगढ़ की जेल में बंद कैदियों को पैरोल मिले या नहीं, हाई पॉवर कमेटी की बैठक में हुआ यह निर्णय

हर्षित शर्मा  | 26 Mar , 2020 09:41 PM
 छत्तीसगढ़ की जेल में बंद कैदियों को पैरोल मिले या नहीं, हाई पॉवर कमेटी की बैठक में हुआ यह निर्णय

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य की जेलों में परिरूद्ध 7 वर्ष या उससे कम सजा वाले कैदियों या विचाराधीन बंदियों को पैरोल अथवा जमानत पर छोड़ने के संबंध में हाई पॉवर कमेटी की बैठक हुई। सुप्रीम कोर्ट के द्वारा  में पारित आदेश के अनुपालन में विडियो टेली कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हाई पॉवर कमेटी की बैठक हुई। न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा कार्यकारी अध्यक्ष राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षता में हुई। बैठक में राज्य शासन की ओर से सुब्रत साहू अपर मुख्य सचिव गृह एवं जेल, एनके चन्द्रवंशी प्रमुख सचिव विधि विभाग, संजय पिल्ले अतिरिक्त महानिदेशक जेल और सिद्धार्थ अग्रवाल सचिव राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण शामिल हुए।
हाई पॉवर कमेटी ने इन बिन्दुओं पर निर्णय लिया कि, 7 वर्ष या उससे कम सजा वाले प्रदेश की जेलों में परिरूद्ध सभी पात्र कैदियों को प्रचलित अधिनियम एवं नियमों के तहत पैरोल पर रिहा करने विचार किया जाएगा। इनके न्यायालयों द्वारा जमानत पर छोड़ने पर विचार किया जाएगा। प्रदेश् की जिन जेलों में ओवर क्राउडिंग की समस्या है, वहां से बंदियों को अन्य जेलों में जहां जगह उपलब्ध है, स्थानांतरण करने के संबंध में अतिरिक्त महानिदेशक जेल विचार करेंगे।
बताया गया कि कोरोना वायरस के की रोकथाम के लिए जेल प्रशासन की ओर से आइसोलेशन वार्ड बनाने, नए बंदियों की स्क्रीनिंग, मेडिकल सहायता के संबंध में काम किया जाएगा। इसके साथ ही अन्य निर्णय भी लिए गए जिसके कठोरता से पालन की बात कही जा रही है।

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