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आत्मनिर्भर भारत के लिए दिन रात एक करेंगे, हम सब ‘लोकल के लिए वोकल’ होंगे : नरेंद्र मोदी

ग्लिब्स टीम  | 30 Jun , 2020 04:11 PM
आत्मनिर्भर भारत के लिए दिन रात एक करेंगे, हम सब ‘लोकल के लिए वोकल’ होंगे : नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को राष्ट्र को संबोधित किए।  उन्होंने कहा कि कोराना से लड़ते-लड़ते हम अनलॉक-2 में प्रवेश कर चुके है। सर्दी, खांसी, बुखार के मौसम में प्रवेश कर चुके है। लॉकडाउन से भारत में मृत्यु दर में कमी आई है। दुनिया के दूसरे देशों की तुलना में भारत संभला हुआ है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौराना गंभीरता से सभी लोगों ने नियमों का पालन किया है। अभी भी सतर्कता की जरूरत है। कंटेनमेंट जोन में सावधानी की जरूरत ज्यादा है। उन्होंने कहा कि गांव का प्रधान हो या देश का प्रधानमंत्री हो कोई भी नियमों से बड़ा नहीं है। लॉक डाउन में हम मास्क को लेकर, सोशल डिस्टेंस को लेकर सतर्क थे। लॉक डाउन के दौरान नियमों का पालन किया। राज्य सरकारों को देश के नागरिकों को फिर से सतर्कता दिखाने की जरुरत है। केंटेंमेंट जोन को लेकर सावधानी आवश्यक है। इसके लिए लोगों को समझना होगा। एक देश के प्रधानमंत्री पर 13 हजार जुर्माना लगाया गया। इस तरह स्थानीय प्रशासन को कदम उठाना पड़ेगा। 

पीएम मोदी ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान देश की सर्वोच्च प्राथमिकता रही कि ऐसी स्थिति न आए कि किसी गरीब के घर में चूल्हा न जले। केंद्र सरकार हो, राज्य सरकारें हों, सिविल सोसायटी के लोग हों, सभी ने पूरा प्रयास किया कि इतने बड़े देश में हमारा कोई गरीब भाई-बहन भूखा न सोए। देश हो या व्यक्ति, समय पर फैसले लेने से, संवेदनशीलता से फैसले लेने से, किसी भी संकट का मुकाबला करने की शक्ति बढ़ जाती है। इसलिए, लॉकडाउन होते ही सरकार, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना लेकर आई।
पीएम ने कहा कि, बीते तीन महीनों में 20 करोड़ गरीब परिवारों के जनधन खातों में सीधे 31 हजार करोड़ रुपए जमा करवाए गए हैं। इस दौरान 9 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में 18 हजार करोड़ रुपए जमा हुए हैं। एक और बड़ी बात है जिसने दुनिया को भी हैरान किया है, आश्चर्य में डुबो दिया है। वो ये कि कोरोना से लड़ते हुए भारत में, 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को 3 महीने का राशन, यानि परिवार के हर सदस्य को 5 किलो गेहूं या चावल मुफ्त दिया गया। एक तरह से देखें तो, अमेरिका की कुल जनसंख्या से ढाई गुना अधिक लोगों को, ब्रिटेन की जनसंख्या से 12 गुना अधिक लोगों को, और यूरोपियन यूनियन की आबादी से लगभग दोगुने से ज्यादा लोगों को हमारी सरकार ने मुफ्त अनाज दिया।

पीएम मोदी ने कहा कि, साथियों, हमारे यहां वर्षा ऋतु के दौरान और उसके बाद मुख्य तौर पर एग्रीकल्चर सेक्टर में ही ज्यादा काम होता है। अन्य दूसरे सेक्टरों में थोड़ी सुस्ती रहती है। जुलाई से धीरे-धीरे त्योहारों का भी माहौल बनने लगता है। त्योहारों का ये समय, जरूरतें भी बढ़ाता है, खर्चे भी बढ़ाता है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार अब दीवाली और छठ पूजा तक, यानि नवंबर महीने के आखिर तक कर दिया जाए। प्रधानमंत्री ने कहा कि, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के इस विस्तार में 90 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च होंगे। अगर इसमें पिछले तीन महीने का खर्च भी जोड़ दें तो ये करीब-करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए हो जाता है। अब पूरे भारत के लिए एक राशन-कार्ड की व्यवस्था भी हो रही है यानि एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड। इसका सबसे बड़ा लाभ उन गरीब साथियों को मिलेगा, जो रोज़गार या दूसरी आवश्यकताओं के लिए अपना गाँव छोड़कर के कहीं और जाते हैं। पीएम ने कहा कि, आज गरीब को, ज़रूरतमंद को, सरकार अगर मुफ्त अनाज दे पा रही है तो इसका श्रेय दो वर्गों को जाता है। पहला- हमारे देश के मेहनती किसान, हमारे अन्नदाता। और दूसरा- हमारे देश के ईमानदार टैक्सपेयर। आपने ईमानदारी से टैक्स भरा है, अपना दायित्व निभाया है, इसलिए आज देश का गरीब, इतने बड़े संकट से मुकाबला कर पा रहा है। मैं आज हर गरीब के साथ ही, देश के हर किसान, हर टैक्सपेयर का ह्रदय से बहुत बहुत अभिनंदन करता हूं, उन्हें नमन करता हूं।

पीएम ने कहा कि, हम सारी एहतियात बरतते हुए आर्थिक गतिविधियों को और आगे बढ़ाएंगे। हम आत्मनिर्भर भारत के लिए दिन रात एक करेंगे। हम सब ‘लोकल के लिए वोकल’ होंगे। इसी संकल्प के साथ हम 130 करोड़ देशवासियों को मिलजुल कर के, संकल्प के साथ काम भी करना है, आगे भी बढ़ना है। फिर से एक बार मैं आप सब से प्रार्थना करता हूँ, आपके लिए भी प्रार्थना करता हूँ, आपसे आग्रह भी करता हूँ , आप सभी स्वस्थ रहिए, दो गज की दूरी का पालन करते रहिए, गमछा , फेस कवर, मास्क ये हमेशा उपयोग कीजिये, कोई लापरवाही मत बरतिए।

 

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