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तीन सूत्रीय मांगों को लेकर ग्रामीण उतरे सड़क पर,राज्यपाल के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

कुशल चोपड़ा  | 15 Sep , 2020 08:41 PM
तीन सूत्रीय मांगों को लेकर ग्रामीण उतरे सड़क पर,राज्यपाल के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

बीजापुर। जिले के गंगालूर और दर्जनों गांवों हज़ारों ग्रामीणों अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर रैली के माध्यम से जिला मुख्यालय पहुंचे और अपनी मांगों का ज्ञापन राज्यपाल के नाम एसडीएम हेमेंद्र भुआर्य को सौपा। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ दिन पहले गंगालूर में हज़ारों ग्रामीण एक जुट हुए थे और कोरोना संक्रमण के संबंध में ग्रामीणों ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपा था।डिप्टी कलेक्टर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों को समझया और हरसंभव मदद करने का भरोसा दिया था,उसके बाद ग्रामीण अपना धरना खत्म कर वापस अपने गांव लौट गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि ज्ञापन देने के बाद भी हमारी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसलिए मंगलवार को दोबारा रैली निकाल जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंप रहे हैं। राज्यपाल को ग्रामीणों के द्वारा दिए गए ज्ञापन में प्रमुख रूप से वर्तमान समय में जिला चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्षेत्र के ग्रामीणों को कोरोना संक्रमण नहीं होने के बावजूद भी उन्हें उठाकर जबरदस्ती हॉस्पिटल में भर्ती कराया जा रहा है। खाने-पीने व इलाज सही तरीके से नहीं हो रहा है। शासकीय अस्पताल एवं प्राइवेट अस्पताल में कोरोना का अफवाह फैला कर कोरोना के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को हटाकर नए प्रभारी नियुक्त करने की बात भी आवेदन में लिखी गई है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बीजापुर बीआर पुजारी ने कहा कि क्षेत्र में काफी समय से अपनी सेवा दे रहा हूं। अंदरूनी ग्रामीण क्षेत्रों में पैदल जाकर सेवा देता हूं,पर आज रैली निकाल कर राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने नाम ज्ञापन में मेरे नाम का उल्लेख कर आवेदन दिया गया। इससे में बहुत आहत हुआ हूं। ग्रामीणों का मेरे खिलाफ आना यह किसी की साजिश भी हो सकती है और मेरे जान को भी खतरा हो सकता है। कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल ने कहा कुछ महीना पूर्व माओवादियों ने संगठन की एक अपनी महिला साथी को कोरोना होने पर संगठन से दूर करने वाले आज कोरोना के नाम पर भ्रामक जानकारी फैला कर ग्रामीणों को गुमराह कर रही है। बेहतर स्वास्थ्य सुविधा,सड़क,शिक्षा की सुविधा जिले के ग्रामीण क्षेत्रो में चल रहा है। इस भयानक महामारी के दौर में भी स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर व कर्मचारी नदी,नाला,पहाड़,पैदल चलकर ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर मलेरिया,कोरोना के अलावा बच्चों के टीकाकरण जैसे कई कार्य करते हैं। उसके बाद भी आरोप लगाना समझ से परे है। जिला प्रशासन ग्रामीणों से अपील करती है की भ्रामक जानकारी फैलाने वाले माओवादियों के झांसे में ना आकर रैली निकाल कर समूह में खड़े होकर अपनी जान खतरे में ना डालें ग्रामीण। कोरोना एक महामारी वायरस का नाम है। कोरोना होने के बाद भी डॉक्टरों के द्वारा इलाज़ करने पर जिले में अभी काफी लोग ठीक हो चुके हैं। जिले मैं अब तक कई लोग इस महामारी के चपेट में आ चुके हैं और कई लोग अपनी जान भी गंवा चुके है। इस समय गंगालूर ,चेरपाल से रैली ज्यादा होने की वजह से अंदरूनी ग्रामीण क्षेत्रो के बच्चे,बूढ़े भी इस महामारी की चपेट में आ सकते हैं। भ्रामक जानकारी से खुद भी बचे और दूसरों को भी बचाएं।

 

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