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विकास उपाध्याय प्रदेश के पहले 'फीवर क्लीनिक' का कल करेंगे शुभारंभ,एलईडी से लैस 5 गाड़ियां करेंगी लोगों को जागरुक  

रविशंकर शर्मा  | 08 Sep , 2020 08:52 PM
विकास उपाध्याय प्रदेश के पहले 'फीवर क्लीनिक' का कल करेंगे शुभारंभ,एलईडी से लैस 5 गाड़ियां करेंगी लोगों को जागरुक  

रायपुर।। संसदीय सचिव विकास उपाध्याय रायपुर में बढ़ते कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए हर स्तर पर इसे रोकने काम कर रहे हैं। उन्होंने मंगलवार को 5 एलईडी से लैस 5 गाड़ियों की जागरुकता लाने झंडी दिखाकर शुरुआत की। विकास उपाध्याय पूरे प्रदेश में पहले फीवर क्लीनिक की शुरुआत अपने विधानसभा से बुधवार से करने जा रहे हैं। इस क्लीनिक में कोविड-19 के प्रारंभिक लक्षण से संबंधित जांच कर मुफ्त में दवाई का वितरण किया जाएगा। इसकी शुरुआत पहले 2 वार्डों से की जा रही है,इसके बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से इसके सार्थक परिणाम की चर्चा कर पूरे वार्डों में शुरुआत करने की योजना है। इस क्लीनिक में सर्दी,जुकाम व बुखार की जांच की जाएगी। विकास उपाध्याय ने ई-रिक्शा के माध्यम से आयुर्वेद काढ़ा वितरण का काम भी सोमवार से ही शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस क्लीनिक में प्रारंभिक जांच से कोई व्यक्ति संक्रमित है या संक्रमित होने की स्थिति में आ गया है,उसे बुखार या सर्दी जुकाम है,पता चलने पर दवाई दी जाएगी। सामान्य व्यक्ति जिसे थोड़ी भी अपनी शारीरिक स्वस्थता को लेकर बदलाव महसूस कर रहा है वह इस क्लिनिक में आकर दवाई मुफ्त में ले सकता है।

विकास उपाध्याय ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल वार्ड क्रमांक 25 के साहू भवन और ठक्कर बापा वार्ड क्रमांक17 कर्मा विद्यालय, दीक्षा नगर, गुढ़ियारी में क्लिनिक की शुरुआत की जा रही है। इसकी सारी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। इस फीवर क्लीनिक में वार्ड का कोई भी व्यक्ति जिसे बुखार, सर्दी जुकाम की आशंका हो आवश्यक जांच कराकर संक्रमण को रोकने जरूरी दवाई ले सकता है। अपने तरह के इस  फीवर क्लीनिक में जांच को लेकर लैब के साथ आक्सीमीटर, थमार्मीटर, पीपीई कीट और इसके रोकथाम के लिए आवश्यक दवाईयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहेंगी। इस क्लीनिक में आने वाले सभी व्यक्तियों की जांच करने विशेषज्ञ, चिकित्सक और लैब टैक्निशियन मौके पर ही पूरे समय उपलब्ध रहेंगे। विकास उपाध्याय ने कहा कि उन सभी व्यक्तियों को इसका लाभ मिलेगा, जिनकों यह शिकायत है कि उनकी शिकायतों पर स्वास्थ्य विभाग ध्यान नहीं देता। संबंधित चिकित्सक किसी तरह की जांच करने से बचते हैं। इस तरह के जांच से प्रारंभिक लक्षण वाले मरीजों को चिन्हांकित करने मदद मिलेगी, जिन्हें आवश्यक संक्रमण पूर्व दवाई के आवश्यक डोज देकर रोकने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि, इसके सार्थक परिणाम आते हैं, तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को रिपोर्ट प्रस्तुत कर पूरे 70 वार्डों में इसकी शुरुआत अविलंब की जाएगी।

 

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