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बेखौफ बेजाकब्जाधारी स्टे आर्डर मानने नहीं को भी तैयार, प्रशासन की भूमिका पर उठ रहा सवाल

राहुल चौबे  | 07 Jan , 2020 10:21 AM
बेखौफ बेजाकब्जाधारी स्टे आर्डर मानने नहीं को भी तैयार, प्रशासन की भूमिका पर उठ रहा सवाल

रायपुर। बेजा कब्जा की भूमि पर प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कराने वाला बेजाकब्जाधारी का हौसला इतना बुलंद है कि वह कोर्ट द्वारा जारी स्टे आर्डर की भी अवहेलना कर बेखौफ़ निर्माण काम कराने मे लगा है। बेजा कब्जा न हटाने पर सीधी कार्यवाही के ग्रामीणों की चेतावनी के बाद मँदिर हसौद के नायब तहसीलदार ने बीते 31 दिसंबर को तब स्टे आर्डर जारी किया जब निर्माण कार्य छज्जा लेबल तक पहुंच गया था। जानकारी देने पर संबंधित तहसीलदार ने इस संबंध मे मंदिरहसौद थाना प्रभारी को सूचित कर दिये जाने की बात कही।

ज्ञातव्य हो कि ग्राम टेकारी मे रहमान खान द्वारा एक आबादी प्लाट मे किया गया अवैध कब्जे को ग्राम पंचायत व ग्रामसभा के प्रस्ताव के बाद भी हटवाने मे प्रशासनिक कोताही की चर्चा क्षेत्र मे जोरों से है और इसके चलते टेकारी के ग्रामीणों मे भीतर ही भीतर आक्रोश भी पनप रहा है। ग्रामीणों के अनुसार करीबन 7-8 एकड़ के मालिक इस व्यक्ति ने पंचायत को धोखे मे रख इस भूमि मे अपने विवाहिता पुत्री के नाम प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत करा लिया है। नींव खुदाई के समय जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने काम रूकवा अवैध कब्जा हटवाने पंचायत प्रस्ताव के साथ तहसीलदार सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठों को ज्ञापन सौंप। बेजा कब्जा हटवाने आग्रह सितंबर माह मे किया था व लगातार शासन-प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते रहे पर संबंधित नायब तहसीलदार ने बीते 31 दिसंबर को निर्माण पर रोक लगाने स्टे आर्डर तब जारी किया जब निर्माण कार्य छज्जा लेबल तक पहुंच चुका था व आक्रोशित ग्रामीणों की ओर से सीधी कार्यवाही की चेतावनी दी गयी। इस स्टे आर्डर की प्रति मंदिरहसौद थाना प्रभारी को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित कर हल्का पटवारी व पंचायत को भी इसकी जानकारी दी गयी थी व कोतवाल के माध्यम से इस बेजाकब्जाधारी पर तामिली भी कराया जा चुका है। ग्रामीणों के अनुसार इस स्टे आर्डर के बाद भी निर्माण कार्य बेधड़क जारी है और छत ढालने की तैयारी है जिसके चलते ग्रामीणों मे आक्रोश बढता जा रहा है। सरपंच गणेश राम लहरे का कहना है कि बेजाकब्जाधारी की पुत्री सामने आ गाली-गलौच करने के साथ-साथ आत्महत्या की धमकी देती है। इसकी सूचना थाना को दे दी गयी है।

इतना ही नहीं वरन पटवारी द्वारा बेजा कब्जा का पँचनामा बनाते समय इस महिला ने जातिसूचक गालीगलौज करते हुये मारने का प्रयास भी किया था जिसमें इसके पुत्र ने भी सहयोग किया था जिसकी रिपोर्ट अजाक्स थाना मे की गयी है तथा मंदिरहसौद थाना मे भी पूर्व मे इसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराया जा चुका है पर अज्ञात कारणों से कार्यवाही न होने से इनके हौसले बुलंद हैं। इसी के चलते ग्रामीणों के सामने न आने व प्रशासन से बेजा कब्जा हटवाने आग्रह किये जाने की जानकारी देते हुये उन्होंने कहा कि पँचायत अधिनियम के तहत बेजा कब्जा  हटवाने का कानूनी अधिकार पँचायत को है और यदि शासन-प्रशासन तहसीलदार को पुरूष एवं महिला पुलिस के साथ पँचायत को  दिन व तिथि नियत कर उपलब्ध करा दे तो पँचायत इस बेजा कब्जा को हटवाने सक्षम व तैय्यार है । टेकारी के ग्रामीण सभा अध्यक्ष हुलासराम वर्मा ने जानकारी दी कि दूसरे ग्रामों की तुलना मे ग्रामीण व्यवस्था के चलते टेकारी मे बेजा कब्जा नगण्य है और ग्रामीण आवश्यकतानुसार  स्वेच्छा से बेजा कब्जा हटाते आ रहे हैं सिर्फ यही एक अपवाद है जिसके लिये शासन -प्रशासन से गुहार करना पड रहा है । इस बेजा कब्जा हटवाने के लिये ग्रामीणों की प्रतिबद्धता को बतलाते हुये उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के कारण ग्राम की व्यवस्था को बिगडने नहीं दिया जावेगा ।उन्होंने प्रशासन. से ग्रामवासियों के धैर्य का परीक्षा न लेने का आग्रह किया है ।किसान सँघर्ष समिति के सँयोजक भूपेन्द्र शर्मा का कहना है कि पँचायत राज.अधिनियम की धारा 56 के  तहत पँचायत के सँकल्प की सूचना पर तहसीलदार अवैध कब्जा हटवाने की कार्यवाही भू राजस्व सँहिता के प्रावधानों के तहत करने बाध्य है और भू राजस्व सँहिता की धारा 248 के प्रावधान के अनुसार आबादी भूमि सहीत अन्य वर्णित भूमियों के बेजा कब्जा की पँचायत से सूचना मिलने के तीस दिन के भीतर कार्यवाही कर पँचायत को सूचित करने वैधानिक रूप से बाध्य है ।

उन्होंने बीते सितँबर मे सूचना मिल जाने के बाद भी निर्धारित. समयावधि मे बेजा कब्जा हटवाने मे तहसीलदार की असफलता को कानून का माखौल उडाना ठहराते हुये कहा है कि अब भी समय है कि तहसीलदार जारी स्टे आर्डर का पालन सुनिश्चित कराने स्थल निरीक्षण कर वर्तमान हो चुके निर्माण का पँचनामा वीडियोग्राफी सहित तैयार करावे व ग्रामीणों को विश्वास दिलाने यथास्थिति बनाये रख और निर्माण न होने दे तथा 30 दिनों के भीतर बेजा कब्जा हटवाना सुनिश्चित करे अन्यथा उच्च न्यायालय के इस सँबँध मे दिये गये एक फैसले का अवमानना करने की कार्यवाही के साथ-साथ वैधानिक दायित्व को भी न निभाने की ओर रिट दायर कर उच्च न्यायालय का ध्यानाकृष्ट कराया जावेगा व ग्रामीणो द्वारा किये जाने वाले किसी कार्यवाही के दौरान घटित होने वाले किसी अप्रिय स्थिति. की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। उन्होंने स्टे आर्डर की तामिली के बाद भी कथित निर्माण कार्य न रुकने व छज्जा निर्माण की तैयारी की ग्रामीणों से मिली सूचना की जानकारी नायब तहसीलदार व थाना प्रभारी को दे दिये जाने तथा स्टे आर्डर का पालन सुनिश्चित कराये जाने का आग्रह किये जाने की भी जानकारी दी है ।इधर मँदिरहसौद भाजपा मँडल अध्यक्ष कृष्णा वर्मा ने भी  पँचायत एवं ग्रामसभा के प्रस्ताव के बाद भी अवैध कब्जा हटवाने मे प्रशासनिक कोताही पर आश्चर्य व्यक्त करते हुये  ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करने का आग्रह शासन -प्रशासन से किया है ।

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