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परंपरागत तरीके से मनाई गई देवउठनी पद्मा एकादशी

तरूण अम्बस्ट  | 08 Nov , 2019 09:18 PM
परंपरागत तरीके से मनाई गई देवउठनी पद्मा एकादशी

लखनपुर। प्राचीन काल से चली आ रही परंपरा अनुसार देवउठनी प्रबोधिनी एकादशी नगर सहित आसपास के छेत्रों में धुमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर लोगो ने अपने अपने घरों में तुलसी विवाहोत्सव परंपरागत तरीके से मनाया। लोगों ने धार्मिक रीति रिवाज के साथ भगवान सालिग्राम तथा माता तुलसी का विवाह संपन्न किया। गन्ने के मंडप के साथ वैदिक तरीके से विवाह सम्पन्न कराया गया। इसी कड़ी में कृषक वर्ग के लोगो ने लक्ष्मी स्वरूप गाय बैलों की पूजा अर्चना की जहां गाय बैलों को ग्रामीण अंचल में शकरकंद, चावल के आटे से बने मिष्ठान, रोटी आदि खिलाया गया ताकि माता लक्ष्मी का आशीर्वाद पूरे वर्ष भर उन्हें मिलता रहे। त्यौहार मनाए जाने आकर्षक साज सज्जा के साथ गाय बैलों की पूजा-अर्चना की गई तथा उन्हें श्रद्धापूर्वक माला पहना आशीर्वाद लिया गया। इस त्यौहार की एक खासियत यह भी है कि इस दिन तंत्र साधक अपने साधना को जीवंत रखने के लिए पूजा-अर्चना साधना करते हैं तथा ग्रामीण अंचलों में मुर्गे आदि की बलि देने की भी प्रथा है। पुराणों के अनुसार एकादशी के पर्व के साथ ही सारे धार्मिक कार्य प्रारंभ हो जाते हैं। एक मान्यता यह भी है कि शेषशायी भगवान विष्णु के चार महीने शयन के बाद एकादशी के दिन जागरण होता है जिसके बाद इनकी पूजा करने से सारी मनोकामनाए पूर्ण होती हैं। इस तरह क्षेत्र  में देवउठनी एकादशी का त्योहार धूमधाम से श्रद्धापूर्वक मनाया गया।  

 

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