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नेशनल हेल्थ मिशन के तीन अधिकारी बर्खास्त, हड़ताल में शामिल होकर कार्य पर नहीं आने का मामला

नेशनल हेल्थ मिशन के तीन अधिकारी बर्खास्त, हड़ताल में शामिल होकर कार्य पर नहीं आने का मामला

​महासमुंद। जिले में नोटिस की अंदेखी कर काम पर नहीं लौटने वाले नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तीन अधिकारियों को बर्खास्त किया गया है। साथ ही दो अधिकारियोें  रामगोपाल खुुंटे, पीएसडब्ल्यू, कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी महासमुंद और  भैयालाल मिश्रा, ग्रामीण चिकित्सा सहायक, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खल्लारी ने इस हड़ताल में शामिल होकर कार्य से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहे। मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ को आवश्यक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। हालांकि कुछ कर्मचारियों ने इससे पहले ड्यूटी ज्वाइन कर ली।

सेवा समाप्त किए गए कर्मचारियों में समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पिथौरा के कार्यक्रम प्रबंधक जयकातं विश्वकर्मा, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बागबाहरा के लेखा प्रबंधक अशीष वर्मा और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र झलप के पीएडीए गौरीशंकर साहू शामिल है। इन तीनों की सेवा समाप्ति छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ‘‘मानव संसाधन नीती वर्ष 2018 की कंडिका 29.10 के तहत कदाचार माना जाकर उसी नीति की कंडिका तहत उनकी संविदा नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई है। मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि सेवा समाप्ति से रिक्त हुए पदों पर भर्ती की प्रक्रिया की जाएगी। मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी ने सेवा समाप्ति के आदेश जारी कर दिए हैं।

इसी प्रकार दो एनएचएम के अधिकारियों रामगोपाल खुुंटे औ रभैयालाल मिश्रा पर आवश्यक कर्रवाई की गई। इनके द्वारा हड़ताल में शामिल होकर, कार्य से अनाधिककृत रूप से अनुपस्थित रहे। वर्तमान में जिले में कोविड-19 संक्रमण की स्थिति गंभीर बनी हुई है। इसके रोकथाम व प्रभावित जनमान से उपचार में सभी शासकीय कर्मचारियों का योेगदान न केवल शासकीय कर्तव्य है बल्कि अनिवार्य नैतिकता भी है। इसके बाजजूद भैयालाल मिश्रा और रामगोपाल खुंटे का अपनी सेवा से 19 सितम्बर से अनुपस्थित रहना स्वास्थ्य सुविधा को प्रदान करने में बांध उत्पन्न करने स्वरूप कदम है। 19 सितम्बर को ही कार्य से अनुपस्थित रहने वाले सभी हड़ताली कर्मचारियों को जिला मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसपी वारे ने सभी एनएचएम स्वास्थ्य अधिकारी-कर्मचारियों को नेाटिस जारी किया था। नोटिस में अनुपस्थित कर्मचारियों से कहा गया है कि वे यदि 24 घंटे के भीतर अपने कर्तव्य पर उपस्थित होकर सामान्य रूप से कार्य निष्पादित नहीं करते हैं तो अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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