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विख्यात लिंगेश्वरी माता मंदिर के खुले पट, हजारों श्रद्धालुओं ने किया दर्शन

गिरीश जोशी  | 12 Sep , 2019 03:27 PM
विख्यात लिंगेश्वरी माता मंदिर के खुले पट, हजारों श्रद्धालुओं ने किया दर्शन

कोंडागांव। जिले के जनपद पंचायत फरसगांव अंतर्गत ग्राम आलोर का जग प्रसिद्ध माता लिंगेश्वरी मंदिर के द्वार को बुधवार को सूर्योदय के साथ खोल दिया गया। इस अवसर पर दूर-दूर से आए हजारों श्रद्धालु भक्तों ने माता के दर्शन किए। सातवीं शताब्दी के प्राचीन मंदिर को वर्ष में एक बार पितृमोक्ष अमावस्या माह के प्रथम बुधवार को श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोला जाता है। यहां भक्तगण सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही माँ की प्रतिमा के दर्शन कर सकते है। उल्लेखनीय है कि यह मंदिर निःसंतान दम्पत्तियों को संतान सुख देने के लिए विशेष रुप से विख्यात है। इस मान्यता के चलते बिहार, ओडीसा, प. बंगाल, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र से भारी संख्या में निःसंतान दम्पत्ति माता के दर्शन करने और मनौती मांगने आते है। पूजा की विधि अनुसार यहां खीरे फल का प्रसाद विवाहित जोड़ो को दिया जाता है, जिसे नाखुन से काटकर खाना होता है।

इस मौके पर अलसुबह नये चावल आटे के साथ चैतरा बना कर पट खोला गया और मंदिर समिति के पांच व्यक्तियों के द्वारा गुफा में पद चिन्ह देंखे गये। पद चिन्ह में हाथी के पैर, और सांप के निशान मिले। जन मान्यता के अनुसार हाथी के पैर निशान का मतलब क्षेत्र में खुशहाली का संकेत होता है। मंदिर के पुजारियों ने इस अवसर पर माता लिंगेश्वरी का जलाभिषेक किया और तत्पश्चात विधिवत पूजा-अर्चना सम्पन्न हुई। जिला प्रशासन द्वारा इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा, पेयजल, भोजन, बैरिकैटिंग, उनके रुकने की व्यवस्था बड़े पैमाने पर की गई थी। मंदिर में बीती रात से दर्शनार्थियों का आना शुरू हो गया था और गीतांजलि म्यूजिकल ग्रुप कोण्डागांव के द्वारा भजन कार्यक्रम भी प्रस्तुती की गई। इस अवसर पर क्षेत्र के विधायक मोहन मरकाम ने भी माता के दर्शन करके क्षेत्र एवं राज्य की खुशहाली की कामना की।

जिला कलेक्टर नीलकंठ टीकाम ने इस मौके पर चर्चा करते हुए बताया कि आने वाले वर्षो में इस आयोजन को भव्य तरीके से मनाने के प्रयास किए जायेंगे। मंदिर समिति के सदस्यों ने आयोजन को बेहतर ढंग से संपादित किया। इसके लिए वे साधुवाद के पात्र है। ज्ञात हो कि वर्ष 2018 में 1027 श्रद्धालुओं ने अपना पंजीयन कराया था। इसमें से मनौती मानने वाले 337 विवाहित जोड़ों को संतान लाभ भी हुआ। इस वर्ष भी लगभग एक हजार लोगो ने पंजीयन कराया है, जिसका रिकार्ड बाकायदा समिति सदस्यों द्वारा रखा गया है। इस दौरान, उपाध्यक्ष जिला पंचायत रवि घोष, फूलोदेवी नेताम, विजय लागंडे, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जीएस सोरी, कार्यपालन अभियंता अरुण शर्मा, सीईओ जनपद पंचायत एसके वट्टी, एसडीओ सचिन मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं हजारो की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

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