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इसका मतलब जेएनयू के सिर्फ 18% छात्र-छात्रों को परीक्षा से कोई लेना-देना नहीं,सिर्फ इन्हें चाहिए आज़ादी

अनिल पुसदकर  | 21 Jan , 2020 11:51 AM
इसका मतलब जेएनयू के सिर्फ 18% छात्र-छात्रों को परीक्षा से कोई लेना-देना नहीं,सिर्फ इन्हें चाहिए आज़ादी

रायपुर। जेएनयू के वाइस चांसलर एम. जगदीश कुमार का बयान आया है कि 82% छात्रों ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। यानी सिर्फ 18% छात्र-छात्राएं ऐसे हैं जिन्होंने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया यानी उन्हें परीक्षा से कोई लेना-देना नहीं है मतलब परीक्षा से भी आजादी सिर्फ इसी 18% छात्र वर्ग को चाहिए। अगर 82% छात्र-छात्राएं रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं तो इसका मतलब है कि उन्हें पढ़ाई से मतलब है, उन्हें करियर से मतलब है, उन्हें हड़ताल से कोई मतलब नहीं, उन्हें टुकड़े-टुकड़े गैंग से कोई मतलब नहीं, उन्हें आजादी से कोई मतलब नहीं, वे अपने सुनहरे सपने सच करना चाहते हैं। पढ़-लिख कर अपना, अपने परिवार का और विश्वविद्यालय का नाम रोशन करना चाहते हैं और इसलिए शायद उन्होंने आगे बढ़कर पंजीयन करा लिया। तमाम मारपीट, लड़ाई-झगड़े, पुलिस पहरा और आरोप-प्रत्यारोप के बीच अगर 82% छात्र आगे निकलकर विश्वविद्यालय के साथ रजिस्ट्रेशन करा कर खड़े हैं तो इसका मतलब गिनती के छात्र ही विश्वविद्यालय का नाम डुबोने पर तुले हुए हैं। आज फिर मारपीट हुई है मारपीट में फिर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो चुके हैं फिर 82% छात्रों के रजिस्ट्रेशन की तुलना में सिर्फ 18% फसादी लोगों को इतना तवज्जो दिया जाना हैरानी नहीं एक सोची समझी साजिश ही लगती है।

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