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प्राकृतिक सौंदर्य, पर्यटन, ऐतिहासिक और पौराणिक धरोहरों को विश्व मानचित्र पर लाने की जरुरत : भूपेश बघेल

रविशंकर शर्मा  | 26 Jul , 2021 08:36 PM
प्राकृतिक सौंदर्य, पर्यटन, ऐतिहासिक और पौराणिक धरोहरों को विश्व मानचित्र पर लाने की जरुरत : भूपेश बघेल

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण छत्तीसगढ़ जंगल, पहाड़, नदियों से आच्छादित प्रदेश है। यहां 44 प्रतिशत जंगल, बारहमासी नदियां, बांध, सुंदर झरने, ऐतिहासिक एवं पौराणिक धरोहरें विद्यमान है। इसकों सहेजने और विश्व मानचित्र पर लाने की आवश्यकता है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास काल का सर्वाधिक समय छत्तीसगढ़ में व्यतीत किया है। चंदखुरी स्थित माता कौशल्या का मंदिर, तालाब और पूरे परिसर का सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। शिवरीनारायण को पर्यटन के दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के सिरपुर में दस वर्ग किलोमीटर में प्राचीन बौद्ध विहार, बौद्धकालीन मूर्तियां एवं भवन के अवशेष हंै। इन्हें पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की जरुरत हैं। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सोमवार को विधानसभा परिसर स्थित कार्यालय के सभाकक्ष से छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष चित्ररेखा साहू व सदस्य द्वय नरेश ठाकुर और निखिल द्विवेदी के पदभार ग्रहण कार्यक्रम को वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने पर्यटन मंडल के नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के विभिन अंचलों में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजातियों पंडो, बैगा, कमार,अबूझमाड़िया के जीवन शैली के बारे में लोग जानना और समझना चाहते हैं। इसके लिए हमें इन इलाकों में पर्यटकों के लिए सुविधाएं विकसित करने की जरुरत है। 

उन्होंने प्रसिद्ध चित्रकूट वाटर फॉल, सरगुजा जिले की रामगढ़ की पहाड़ियों में स्थित पांच हजार वर्ष पूर्व की प्राचीन नाट्यशाला कुटुमसर गुफा का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यटन की दृष्टि से छत्तीसगढ़ बेहद समृद्ध राज्य है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल का यह दायित्व है कि वह राज्य के पर्यटन स्थलों को सहेजने और सवारने के साथ-साथ पर्यटकों के लिए इन स्थानों पर सुविधाएं विकसित करें। पर्यटन के विकास से राज्य में रोजगार भी बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि हमें योजनाबद्ध तरीके से काम करने की जरुरत है।  

नवनियुक्त अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में लोककला एवं संस्कृति को बढ़ावा दिया है। छत्तीसगढ़ राज्य, प्रकृति का अनुपम उपहार है। उन्होंने आदिवासी कला एवं संस्कृति को विश्व मंच पर लाने और भगवान श्रीराम के वन गमन पथ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रयासों को सराहा। कहा कि छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल अतिथि देवो भव: के सिद्धांत पर काम करेगा। पर्यटकों की सुख-सुविधा एवं सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी होगी। प्रबंधन संचालक यशवंत कुमार ने छत्तीसगढ़ में विभिन्न प्रकार के टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

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