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आज के दिन हुई थी वो संधि जिसके बाद अंग्रेजों को देश की राजनीतिक और संवैधानिक व्यवस्था में दखल देने का मिला मौका

यामिनी दुबे  | 25 Jun , 2021 11:01 AM
आज के दिन हुई थी वो संधि जिसके बाद अंग्रेजों को देश की राजनीतिक और संवैधानिक व्यवस्था में दखल देने का मिला मौका

रायपुर। शाह आलम द्वितीय के बचपन का नाम अली गौहर था। मुगल सम्राट के रूप में इसका कार्यकाल 1759 ई. से 1806 ई. तक रहा। 1759 ई. में राजगद्दी पर बैठने के साथ ही अली गौहर ने बादशाह होने पर 'आलमशाह द्वितीय' का ख़िताब धारण किया। शाह आलम द्वितीय का जन्म 25 जून 1728 में हुआ था। इतिहास में वह 'शाहआलम द्वितीय के नाम से प्रसिद्ध है।' उसका राज्यकाल भारतीय इतिहास का एक संकटग्रस्त काल कहा जा सकता है। अकबर द्वितीय को हिंदू-मुस्लिम एकता उत्सव फूल वालों की सैर शुरू करने का श्रेय दिया जाता है । ईस्ट इंडिया कंपनी व्यापारिक इरादे से भारत आई, लेकिन यहां की रियासतों की आपसी लड़ाई और बिखराव ने उसकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को हवा दी। कंपनी ने 12 अगस्त 1765 को मुगल बादशाह शाह आलम द्वितीय के साथ एक संधि पर हस्ताक्षर किए, जिसे इलाहाबाद की संधि कहा जाता है। इतिहास में दर्ज है कि इस संधि के जरिए ईस्ट इंडिया कंपनी को देश की राजनीतिक और संवैधानिक व्यवस्था में दखल देने का अवसर मिल गया और यहीं से भारत में ब्रिटिश शासन की नींव पड़ी।

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