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‘वन नेशन-वन राशनकार्ड’ के क्रियान्वयन में प्रदेश सरकार कर रही टालमटोल : श्रीवास्तव

राहुल चौबे  | 30 Jun , 2021 08:24 PM
‘वन नेशन-वन राशनकार्ड’ के क्रियान्वयन में प्रदेश सरकार कर रही टालमटोल : श्रीवास्तव

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने केंद्र सरकार की योजना ‘वन नेशन-वन राशनकार्ड’ के क्रियान्वयन में प्रदेश सरकार द्वारा की जा रही टालमटोल की प्रवृत्ति पर जमकर हमला बोला है। श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी अपने ओछे राजनीतिक चरित्र का परिचय देने से बाज नहीं आ रही है। अपने इसी राजनीतिक चरित्र को लेकर कई मौक़ों पर कोर्ट से फटकार खाने की आदी हो चली प्रदेश सरकार को अब सुप्रीम कोर्ट ने ताक़ीद की है कि वह 31 जुलाई तक ‘वन नेशन-वन राशनकार्ड’ योजना का क्रियान्वयन सुनिश्चित करे। श्रीवास्तव ने कहा कि मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक अहम आदेश में देश के सभी प्रदेशों व केंद्रशासित प्रदेशों में यह योजना लागू करने कहा है और इसी दिन प्रदेश के मंत्री अमरजीत भगत ने सुप्रीमकोर्ट के आदेश की अनदेखी करते हुए छत्तीसगढ़ में यह योजना 1 अगस्त के बजाय सितंबर से लागू करने की बात कही है। श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेश सरकार अपनी मनपसंद एजेंसी को टेंडर देने की कोशिशों में लगी प्रदेश सरकार के इस रवैए के चलते प्रदेश के लाखों प्रवासी श्रमिकों व मज़दूरों को अपने हक़ के राशन से तब वंचित रहना पड़ा जब देश में कोरोना संक्रमण की पहली लहर और लॉकडाउन के समय वे अन्य प्रदेशों में अपनी आजीविका के लिए गए हुए थे और वहाँ उन्हें रात को भूखे सोना पड़ा।

श्रीवास्तव ने कहा कि प्रदेस सरकार ने कोरोना संक्रमण की पहली लहर के दौरान ज़रूरतमंदों की एक धेले की भी सहायता नहीं की और न ही उनकी फ़िक्र की। प्रदेश सरकार का यह ग़ैर-ज़िम्मेदाराना रवैया कोरोना की दूसरी लहर में भी साफ़ नज़र आया। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा ग़रीबों को  नि:शुल्क वितण के लिए मुहैया कराए गए अनाज (चावल) को बेचे जाने और विभिन्न श्रेणियों के राशनकार्डधारियों को उनके हक़ का पूरा अनाज न देकर उसमें घोटाला करने में प्रदेश सरकार ने कोई शर्म तक महसूस नहीं की। अब जबकि सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त से इस योजना को लागू करने को कहा है, प्रदेश सरकार के मंत्री अब भी इस योजना को लागू करने के प्रति संजीदा नज़र नहीं आ रहे हैं और योजना को प्रदेश में सितंबर से लागू करने की बात कहकर अपने ग़ैर-ज़िम्मेदाराना रवैए का प्रदर्शन कर रही है। श्रीवास्तव ने सुप्रीम कोर्ट की इस चिंता से इत्तेफ़ाक़ रखते हुए कहा कि असंगठित क्षेत्रों के प्रवासी मज़दूर योजनाओं का लाभ लेने के लिए पंजीकरण के इंतज़ार में हैं, लेकिन प्रदेश सरकार के ढुलमुल रवैए के चलते वे इस योजना के लाभ से वंचित हैं।

 

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