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बारिश ने कमर तोड़ दी किसानों की, ओलो ने फसल चौपट कर दी और मौसम फिर ढा सकता है कहर

रविशंकर शर्मा  | 25 Feb , 2020 02:49 PM
बारिश ने कमर तोड़ दी किसानों की, ओलो ने फसल चौपट कर दी और मौसम फिर ढा सकता है कहर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अचानक बदले मौसम ने माघ माह में सावन-भादो सा एहसास करा दिया है। गत माह हुई बारिश ने प्रदेश में ठंड लौटाई तो वहीं  विगत दिनों से जारी बारिश ने फसलों को नुकसान पहुंचाया है। प्रदेशभर में गरज-चमक के साथ बारिश और ओले की मार दलहन-तिलहन की फसलों के साथ सब्जियों की फसल पर पड़ी है। किसान परेशान हैं, चितिंत है। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ में हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। 

उन्होंने कहा कि दक्षिण बिहार के ऊपर एक साइक्लोनिक सरकुलेशन 1.5 किलोमीटर पर स्थित है। वहां से एक द्रोणिका छत्तीसगढ़ होते हुए तेलंगाना तक गई है। इसके प्रभाव से छत्तीसगढ़ के उत्तर-पूर्व के जिलों मे हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। शेष जिलों में एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा हो सकती है। उन्होंने कहा कि फरवरी माह में का जलवायु लक्षण सामान्यता: जनवरी माह के समान ही होता है। हल्की हवाएं उत्तर से आती प्रतीत होती है। शीतकाल की समाप्ति के साथ न्यूनतम तापमान भी बढता हुआ13.3 डिग्री सेल्सियस से महीने के अंत तक 16.5 डिग्री तक पहुंच जाता है। बहुत कम अवसरों पर न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच पाता है। औसत तापमान अधिकतम 35.5 डिग्री पहुंचता है। उन्होंने कहा कि इस माह की औसत वर्षा 15.6 मि.मी. और वर्षा के दिनों की संख्या 1.3 है। उत्तरी भारत से होकर जाने वाले शीतकालीन विक्षोभों के प्रभाव से कभी-कभी आकाश बदलों से आच्छादित हो जाता है। गरज-चमक  के साथ वर्षा होने की संभावना होती है।

 

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