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नगर का गौरव इंदिरा उद्यान खो रहा अपनी अस्मिता

जयंत पांडे  | 17 Jan , 2020 09:20 PM
नगर का गौरव इंदिरा उद्यान खो रहा अपनी अस्मिता

पेंड्रा। नगर का एकमात्र पर्यटन स्थल इंदिरा उद्यान का रखरखाव नहीं होने से हालत खराब हो गई है। यहां पर आने वाले पर्यटक को को गार्डन की खराब हालत देखकर पर्यटन सुविधाओं की कमी की वजह से मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। वर्ष 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी द्वारा इस उद्यान का लोकार्पण किया गया था। तब यहां पर भालू, हिरण, बारहसिंघा, तोता, मैना, सांप, तितलियां ऐसे अनेक प्रकार के जीव जंतु का यहां रखरखाव किया जाता था। पेंड्रा नगर के वासियों के साथ-साथ यहां पर दूर-दराज के लोग भी अपना समय व्यतीत करने इन जीव जंतुओं के बीच आते थे। इस जगह की खूबसूरती यहां पर आने वाले पर्यटकों का मन मोह लेती थी, लेकिन प्रशासन की उदासीनता की वजह से यह एक खंडहर बन कर रह गया है। वन विभाग की अनदेखी के कारण इस उद्यान का बुरा हाल हो गया है। वन विभाग के द्वारा पर्यटकों के मनोरंजन की दृष्टि से इंदिरा उद्यान की स्थापना की गई थी। शासन द्वारा हर साल इंदिरा उद्यान के रखरखाव, पर्यटक की सुविधाओं के विस्तार के लिए लाखों रुपए की राशि स्वीकृत की जाती है पर पिछले कुछ समय से वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी का रवैया उद्यान की ओर बहुत ही उदासीन दिखाई दे रहा है जिसके कारण यहां पर आने वाले बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले की व्यवस्था, बैठक व्यवस्था, खेलने व ऐसी अनेक व्यवस्थाएं जो पर्यटकों को यहां पर आने के लिए प्रेरित करती हैं ऐसी किसी प्रकार की कोई व्यवस्था इस गार्डन पर अब नहीं बची है। गार्डन पूरी तरह से बदहाली के चलते अपनी अस्मिता खोता जा रहा है। यहां पर आने वाले लोगों के चेहरे में मायूसी साफ झलकती हैं और  नगर के जनप्रतिनिधि व यहां आने वाली जनता की नाराजगी वन विभाग के इस रवैया के कारण नगर का गौरव अपनी अस्मिता को नहीं बचा सकता है।

 

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