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माता कौशल्या की जन्मतिथि बताने वाले को मिलेगा इनाम

राहुल चौबे  | 16 Nov , 2019 10:00 PM
माता कौशल्या की जन्मतिथि बताने वाले को मिलेगा इनाम

रायपुर। छत्तीसगढ़ जिसे पुरातनकाल से ही दक्षिण कौशल के नाम से जाना जाता रहा है। रामचरित मानस व वाल्मिकी रामायण में भी कौशल प्रदेश का उल्लेख मिलता है। माता कौशल्या इसी कौशल प्रदेश (छत्तीसगढ़) की राजकुमारी थीं। वे पिता भानुमंत व माता सुबाला/अमृतप्रभा की पुत्री थीं। राजकुमारी कौशल्या को अयोध्या के राजकुमार दशरथ की अग्रमहिषी तथा मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की माता होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। वाल्मीकि रामायण, आनन्द रामायण, आध्यात्म रामायण, गुणभद्रकृत उत्तर पुराण सहित बलदेव प्रसाद मिश्र, मैथलीशरण गुप्त आदि के काव्यों में कौशल्या माता की कथाओं का वर्णन है। छत्तीसगढ़ प्रदेश की राजधानी रायपुर से तकरीबन 25 किलोमीटर दूर चंदखुरी (प्राचीन नाम चंद्रपुरी) गांव है। इसे माता कौशल्या की जन्म स्थली माना जाता है। यहां माता कौशल्या का मंदिर भी है। यह मंदिर दुर्लभतम है, जैसे पूरे देश में पुष्कर में ब्रह्मा का तथा कोणार्क में सूर्यदेव का एक मात्र मंदिर है। ठीक वैसे ही रायपुर के चंदखुरी में माता कौशल्या का एक मात्र मंदिर स्थित है। करीब 126 तालाब वाले इस गांव में सात तालाबों से घिरे जलसेन तालाब के बीच प्राचीन द्वीप पर यह मंदिर है, जहां भगवान श्रीरामचन्द्र की माता कौशल्या की प्रतिमा स्थापित है और रामलला उनकी गोद में विराजमान हैं। प्राप्त प्रमाण, पुरातत्व की खुदाई,प्राचीन ग्रन्थों,जनश्रुति, क्षेत्रीय दंतकथाओं आदि के अलावा ज्योतिष विज्ञान के क्षेत्र में रुचि रखने वाले समस्त विद्वानों को तत्सम्बन्ध में समस्त जानकारियों व ज्योतिष गणना आदि के द्वारा भगवान रामचन्द्र की कुंडली के चतुर्थ भाव के आधार पर माता कौशल्या की जन्मतिथि के निर्धारण एवं जन्मकुंडली तैयार किए जाने के लिए आमंत्रित किया जाता है।
विद्वानों से प्राप्त प्रस्ताव को चयनित विशेषज्ञ जजों (जूरी) द्वारा प्रमाणित किया जाएगा। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्वान को नगद राशि 11 लाख रुपए तथा विशेष सम्मान पत्र प्रदान किया जायेगा।

 

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