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मानसिक अवसाद और तनाव की उपज है आत्महत्या का विचार - डॉ. शुभाशीष करन

राहुल चौबे  | 10 Sep , 2020 10:58 AM
मानसिक अवसाद और तनाव की उपज है आत्महत्या का विचार - डॉ. शुभाशीष करन

रायपुर/कोरिया। विशेषज्ञों का मानना है मानसिक अवसाद और तनाव की वजह से आत्महत्या का विचार रखने वाले लोग ऐसी अवस्था में अक्सर मदद मांगते हैं। अगर समय पर उनकी मदद की जाए तो उन्हें बचाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से हर वर्ष 10 सितम्बर को आत्महत्या निषेद दिवस मनाया जाता है। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉक्टर शुभाशीष करन ने बताया,” मानसिक अवसाद और तनाव की वजह से आत्महत्या का विचार आता है। भविष्य से जुड़ी चिंता को लेकर आत्महत्या की प्रवृत्ति के खिलाफ सार्थक संवाद जरूरी है। समुदाय के लोगों में आत्महत्या और इसके रोकथाम के बारे में जन.जागरूकता बढ़ानाए तनाव को कम करनाए समुदाय में मानसिक विकारों की पहचान और उपचार करवानाए ही एकमात्र उपाय है।“

क्या हैं आत्महत्या की प्रमुख वजहें : आत्महत्या की कई वजहें होती हैं, जिसमें सामाजिक, आर्थिक व मेडिकल। सामाजिक कारणों में सबसे अहम है रिलेशनशिप जिसमें अफेयर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर व शादीशुदा जिंदगी से संबंधित वजहें होती हैं। इसके अलावा, परिवार, मित्रों और जान पहचान वालों के साथ आने वाली दिक्कतों के चलते भी लोग यह कदम उठाते हैं। आर्थिक कारणों में बिजनेस का डूबना, नौकरी छूटना, आय का साधन न होना, कर्जे जैसी समस्या होती है और मेडिकल कारणों में लाइलाज शारीरिक व मानसिक बीमारी, गहरा डिप्रेशन व कभी कभी अनुवांशिकी भी होती हैं।

स्वास्थ और परिवार कल्याण विभाग, राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ कार्यक्रम के अंतर्गत मानसिक विकारों, तनाव व अवसाद को कम करने के लिए कई प्रकार के कार्यक्रम संचालित कर रहा है। इनमें जिला अस्पतालों में स्थापित स्पर्श क्लिनिक भी एक है। क्लिनिक में मानसिक रोगियों का नि:शुल्क उपचार होता है और उनका नाम भी सार्वजनिक नहीं किया जाता है। इनके अलावा प्रदेश के सभी 27 जिलों में काउंसिलिंग सेंटर हैं, जिनके जरिए मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों की पहचान कर मानसिक स्वास्थ की सेवाएं दी जा रही हैं। नेशनल क्राइम रिकार्ड्स ब्यूरो की 2019 की रिपोर्ट के अनुसार छत्तीसगढ़ में आत्महत्या की दर 26.4 प्रति लाख जनसँख्या है जो राष्ट्रीय दर 10.4 प्रति लाख जनसँख्या है। भारत में छत्तीसगढ़ चौथा सबसे ज्यादा आत्महत्याओं वाला प्रदेश है। मानसिक रोगी, मानसिक अवसाद, तनाव ग्रस्त लक्षण दिखने वाले रोगियों के लिए प्रदेश में 104 हेल्पलाइन नंबर भी संचालित है। उपरोक्त लक्षण वाले व्यक्ति इनसे मदद ले सकते हैं। हाल ही में विभाग ने एम्बुलेंस सर्विसेज भी शुरू करने का फैसला लिया है। इमरजेंसी में मानसिक रोगियों को भी एम्बुलेंस की सेवाएं उपलब्ध होंगी।

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