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3 साल से इंतजार कर रहे परिवार को अब जा कर मिली नई दिशा और रोजगार का साधन

ग्लिब्स टीम  | 18 Oct , 2020 01:00 PM
3 साल से इंतजार कर रहे परिवार को अब जा कर मिली नई दिशा और रोजगार का साधन

 रायपुर। संस्था "कुछ फ़र्ज़ हमारा भी" जो समाज के अनेक मुद्दों पर अपनी सेवाएं निरंतर दे रही है। 23 मई 2018 से संस्था ने अनेकों छोटे बड़े कार्य किए जा रहे हैं, जिसमें स्वच्छता अभियान, रास्ते में घूम रहे निशक्तजनों का पुनर्वास जैसे उनको नहलाना बाल काटना आश्रम में दाखिला दिलाना और ज़रूरत पड़ने पर प्राथमिक उपचार कराना शामिल हैं। इसके साथ ही संस्था ने पौधारोपण, शहर को बदसूरत करने वाले सरकारी जगहों पर लगे स्टिंगर पोस्टर को निकालने का कार्य, निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर अनुभवी डॉक्टरों के साथ, झुग्गी बस्तियों में जाकर जरूरतमन्दों को कपड़ा बाटने का कार्य, रक्तदान शिविर एवं विशेषकर कोरोना काल में संस्था ने निरन्तर ही जरूरतमंद परिवारों को कच्चा राशन व पका हुआ भोजन पहुंचाने का कार्य किया है।   साथ ही दूसरे राज्य से पैदल चल कर आ रहे प्रवासियों को चप्पल का वितरण भी निरंतर किया गया है। पिछली बार सात दिन के लॉक डाउन में हमे एक ऐसे परिवार के बारे में सूचना मिली जो दो दिनों से भूखे थे एवं मदद मांग रहें थे हमें सूचना मिलते ही हमने उनको 15 दिनों का राशन दिया व बीच बीच में कई बार राशन देकर, कुछ पैसे देकर इनकी तकलीफ़ को दूर करने का प्रयास किया। 

बच्ची टीना (उम्र 10 वर्ष) व उसका परिवार पिछले 1 वर्ष से सड़क पर बैठकर मात्र वेट मशीन के सहारे जीवन व्यतीत कर रहे थे। रोजाना 50 से 100 रुपए ही कमा हो रही है। उसमें 1200/- महीने का किराया एक छोटे से झोपड़ी का वहन किया जा रहा है, बच्ची की माँ ने बताया कि  उनके पति रिक्शा चलाते थे। अप्रैल 2020 में किसी अज्ञात कार सवार ने ठोकर मार दी और उनका हाथ टूट गया। दूसरे दिन किसी अस्पताल में इलाज के लिए गए लेकिन लंबे प्रक्रिया के कारण व कोरोना के डर से उनका इलाज़ नहीं हो पाया। तब से वे घर पर ही है। अब उनका सिर्फ एक ही इनकम का साधन था रोड के किनारे बैठ कर वेट मशीन के सहारे घर चलाना जो बिल्कुल भी मुमकिन नहीं है, आय का साधन नहीं है, घर नहीं है, ना ही घर का कोई विशेष समान। बच्चे पढ़ते तो है पर पढ़ाई की कोई ख़ास व्यवस्था नहीं है, कई लोगों ने उनकी सहायता की वे किसी तरह ऐसे जीवन से बाहर निकल सके पर सही रूप में अब जाकर वे इससे बाहर निकल रहे हैं। संस्था" कुछ फ़र्ज़ हमारा भी " केएफ़एचबी व एपीआई इस्पात एंड पावर टेक लिमिटेड दोनों आगे आए अब परिवार के लिए घर के सभी आवश्यक सामान जैसे अलमारी, पलंग, कम्बल, चादर तकिया, बर्तन सैट, मोबाइल फ़ोन, कपड़े, बच्ची के लिए साइकिल, तीन माह का राशन, गैस चूल्हा व सिलेंडर, टेबल, कुर्सी, बच्चों के लिए स्टेशनरी का पूरा समान दिया और सबसे महत्वपूर्ण सामग्री में रोजगार के लिए हाथ ठेला व ठेले के लिए डेली नीड्स का पूरा समान है। जो उन्हें दिया है, जिससे वे रोजगार के लिए आत्मनिर्भर होंगे और एक निश्चित आय प्राप्त कर सकेंगे। एपीआई इस्पात से राजेश अग्रवाल का महत्वपूर्ण सहयोग रहा व संस्था "कुछ फ़र्ज़ हमारा भी" के संस्थापक/अध्यक्ष नितिन सिंह राजपूत व संरक्षक राकेश अग्रवाल व विशेष सहयोगी दीपक शर्मा ,स्मारिका राजपूत ,रजत अग्रवाल ,परिवेश सिंह गुप्ता ,पुष्पा टेकवानी ,अमितेश तिवारी ,डॉ.विकाश अग्रवाल ,अंकित ठाकुर ,अशोक वर्मा का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रायपुर महापौर एजाज ढेबर ने जरूरतमंद परिवार को सभी वस्तुएं भेंट की। परिवार के भविष्य के लिए बीएसयुपी कॉलोनी में स्वयं के निवास के लिए संस्था केएफ़एचबी प्रयासरत है।

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