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संकरी गली में नर्सिंग होम खुलने का विवाद नहीं थम रहा, सीएमएचओ ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

ग्लिब्स टीम  | 25 Jun , 2021 01:21 PM
संकरी गली में नर्सिंग होम खुलने का विवाद नहीं थम रहा, सीएमएचओ ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

राजिम। संकरी गली में नर्सिंग होम खुलने का विवाद थम नहीं रहा है। यहां के निवासियों का कहना है कि संकरी गली में क्लीनिक संचालित न हो, जबकि गरियाबंद जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इस मामले में अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। बता दें कि क्लीनिक स्थापना के लिए छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित 20 अगस्त 2013 के पृष्ठ क्रमांक 738 (11) के 1.1 में स्थल और आसपास के क्षेत्र के अंतर्गत 1.11 में स्पष्ट निर्देशित है कि क्लीनिक किसी खुली जगह जिसके आसपास स्वच्छता और पर्याप्त पार्किंग स्थान को स्थापित किया जाएगा। क्लीनिक के उपयुक्त भवन के लिए संबंधित नगर पालिका उपविधियों जो समय-समय पर प्रवृत्त हो उसका अनुपालन करना होगा। इस अधिनियम से यह स्पष्ट हो जाता है कि अस्पताल संकरी गली में संचालित नहीं हो सकता। राजिम के वार्ड क्रमांक 1 के निवासियों की भी यही मांग है। क्लीनिक संकरी गली में संचालित न हो जबकि सीएमएचओ ने इस मामले में अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। इधर अनापत्ति प्रमाण पत्र को लेकर मुख्य नगरपालिका अधिकारी और नगर पंचायत अध्यक्ष के मध्य विवाद की स्थिति बनी हुई है। एक तरफ पालिका अधिकारी का कहना है कि अनापत्ति प्रमाण पत्र देना हमारे अधिकार क्षेत्र में है। दूसरी ओर नगर पंचायत अध्यक्ष एवं पार्षदों का कहना है कि पंचायती अधिनियम के तहत परिषद की अनुमति के बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दिया जा सकता, जिसका उल्लेख पालिका अधिनियम के तहत धारा 50 में स्पष्ट उल्लेख है। हाईकोर्ट के वकील हर्षवर्धन अग्रवाल ने कहा कि पालिका अधिनियम के तहत कोई भी अनापत्ति प्रमाण पत्र परिषद को विश्वास में लिए बिना पालिका अधिकारी नहीं दे सकते। नगर पंचायत अध्यक्ष, वार्ड पार्षद एवं वार्ड वासियों ने जिलाधीश से मांग करते हुए कहा है कि तत्काल महानदी अस्पताल को अन्यत्र स्थापित करने का आदेश दिया जाए। वार्डवासी अस्पताल की विरोधी नहीं है, लेकिन संकरी गली में अस्पताल खुलने के कारण निवासियों को संक्रमण बीमारियों के डर के साथ-साथ आवागमन एवं स्वच्छता की समस्या हमेशा बनी रहेगी। इससे विवाद की स्थिति भी निर्मित हो सकती है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अस्पताल को अन्यत्र स्थापित करना आवश्यक है। इधर अधिनियम के संबंध में डॉ चंद्रविकास राठौर ने कहा है कि खुली जगह से तात्पर्य होता है कि बेसमेंट या अपार्टमेंट में न चले। कृपया सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न निर्देशों को पढ़ें। सफाई स्थानीय प्रशासन का काम है न कि अस्पताल प्रबंधन का। पार्किंग हमारे बेड के हिसाब से पर्याप्त है। किसी भी अस्पताल या झोलाछाप अस्पताल से कई गुना अच्छी सफाई है।

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