GLIBS

कोरोना काल में भी नहीं थमी पीडियाट्रिक एकेडमी की गतिविधि, अच्छा कार्य करने वालों का हुआ सम्मान

संध्या सिंह  | 23 Feb , 2021 05:55 PM
कोरोना काल में भी नहीं थमी पीडियाट्रिक एकेडमी की गतिविधि, अच्छा कार्य करने वालों का हुआ सम्मान

दुर्ग। दुर्ग भिलाई एकेडमी आफ पीडियाट्रिशियन की बैठक हुई। बैठक में बीते साल कोरोना काल के दौरान शिशुरोग के क्षेत्र में उत्तम कार्य करने वाले चिकित्सकों का सम्मान दुर्ग भिलाई एकेडमी ने किया। कार्यक्रम में इंडियन एकेडमी आफ पीडियाट्रिक एसोसिएशन द्वारा सम्मानित होने वाले चिकित्सकों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पेडीकान छत्तीसगढ़ में भी दुर्ग भिलाई एकेडमी की ओर से भाग लेने वाले और यहाँ बेहतर प्रदर्शन करने वाले चिकित्सकों का सम्मान किया गया।

एकेडमी की प्रेसीडेंट डाॅ.संबिता पंडा,सचिव डाॅ.सीमा जैन एवं साइंटिफिक कन्वीनर डाॅ.माला चौधरी तथा वरिष्ठ चिकित्सक डाॅ.अरविंद सावंत एवं डाॅ.रेखा साकेतकर इस दौरान उपस्थित रहीं। कोरोना काल के दौरान न केवल एकेडमी के डाॅक्टर वर्चुअल रूप से सक्रिय रहे अपितु इनके परिवारजनों एवं बच्चों के लिए भी विभिन्न तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन एकेडमी द्वारा किया गया था। इसके विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। उल्लेखनीय है कि कोरोना काल के दौरान बहुत से रिसर्च पेपर दुर्ग भिलाई एकेडमी के चिकित्सकों द्वारा तैयार किए गए,जिनसे शिशु रोगों के निदान की दिशा में काम करने में बड़ी मदद मिलेगी। पं. जवाहरलाल नेहरू रिसर्च सेंटर एवं हास्पिटल सेक्टर 9 की चिकित्सक डाॅ.माला चौधरी ने नवजात शिशुओं की मृत्यु रोकने की दिशा में सिक्वेंशियल आर्गन फेल्योर एसेसमेंट पर अपना पेपर प्रस्तुत किया। इसमें उन सूचकांकों पर स्टडी की थी,जिनका आकलन कर भविष्य के कुछ घंटों के खतरों के संबंध में आगाह हुआ जा सकता है और सुरक्षात्मक उपाय किये जा सकते हैं। डाॅ.चौधरी को इस पेपर के लिए इंडियन एकेडमी आफ पीडियाट्रिक एसोसिएशन की ओर से गोल्ड मेडल दिया गया। जिला अस्पताल की शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅ.सीमा जैन ने नेफ्रोटिक सिंड्रोम पर अपना पेपर प्रस्तुत किया। डाॅ. ओमेश खुराना को बेस्ट एकेडमीशियन तथा डाॅ. गणवीर को बेस्ट कम्युनिटी सर्विस के लिए पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ शिशुरोग विशेषज्ञ डाॅ. अरविंद सावंत एवं डाॅ. रेखा साकेतकर ने अपने अनुभव साझा किये और शिशुरोग के संबंध में किये जा रहे नये रिसर्चों के लिए एकेडमी के सदस्यों की प्रशंसा की। कोरोना काल में चिकित्सकों के बच्चों के लिए वर्चुअल माध्यम से भाषण, निबंध, पेंटिंग, पोस्टर, म्यूजिक आदि प्रतियोगिता कराई गईं थीं। इन्हें भी पुरस्कृत किया गया।

Author/Journalist owns and is responsible for views/news published and the publisher/printer is in no way liable for such content.