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सुब्रत साहू ने ली बैठक,मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं और कार्यक्रमों में तेजी लाने दिए निर्देश

रविशंकर शर्मा  | 14 Jan , 2021 10:46 PM
सुब्रत साहू ने ली बैठक,मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं और कार्यक्रमों में तेजी लाने दिए निर्देश

रायपुर । छत्तीसगढ़ के प्रभारी मुख्य सचिव  सुब्रत साहू ने गुरुवार को मंत्रालय महानदी भवन में बैठक ली। उन्होंने मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाली योजनाओं और कार्यक्रमों  की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने इन योजनाओं और कार्यक्रमों में और तेजी लाने के लिए निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2020-21 सत्र में प्रारंभ होने वाले स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मिडियम स्कूलों की तैयारी पूरी हो चुकी। गांवों में आजीविका केन्द्र के रूप में विकसित किए जा रहे गोठानों में गोबर खरीदी और वर्मी कम्पोस्ट  निर्माण के अतिरिक्त विभिन्न बहुउद्देश्यीय गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। लोकसेवा केन्द्र के माध्यम से 169 नई सेवाएं शुरू की जाएंगी। प्रदेश में वर्तमान में 260 सेवाएं लोकसेवा केन्द्रों के जरिए दी जा रही हैं।  प्रभारी सचिव साहू ने इस संबंध में विभिन्न विभागों को 31 जनवरी तक विस्तृत जानकारी प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में बताया गया कि ग्रामीण बाजारों में शुरू किए गए मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक का लाभ बड़ी संख्या में लोग उठा रहे हैं। इन क्लीनिकों के माध्यम से उपचार करा रहे मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। प्रभारी मुख्य सचिव ने किसानों से जुड़ी योजनाओं के संबंध में जानकारी लेते हुए निर्देशित किया कि किसानों को धान के अतिरिक्त अन्य फसलों के लिए भी प्रोत्साहित किया जाए।  सुब्रत साहू ने कहा कि गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने के लिए टांका निर्माण का कार्य प्राथमिकता के साथ किया जाए ताकि गोधन न्याय योजना का क्रियान्वयन और भी प्रभावी तरीके से हो सके। बस्तर संभाग के सभी जिलों में गौठानों के सुचारू संचालन के लिए प्रबंधन समितियों का गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत प्रदेश में कितने लोगों को रोजगार मिल रहा है, इसका विवरण नियमित रूप से संधारित कर प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने लघु वनोपज संग्रहण, फलदार वृक्षों के रोपण एवं प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना की दिशा में अब तक हुई प्रगति भी जानकारी ली।  सुब्रत साहू ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण कार्य में क्षतिग्रस्त हुए वृक्षों की प्रतिपूर्ति के लिए अधिक से अधिक पौधों का रोपण किया जाए। विशेषतौर पर फलदार प्रजाति के पौधों के रोपण को प्राथमिकता दी जाए।

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