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वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाकर कमाई कर रही है स्व सहायता समूह की महिलाएं, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम

यामिनी दुबे  | 04 Jun , 2020 01:01 PM
वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाकर कमाई कर रही है स्व सहायता समूह की महिलाएं, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम

रायपुर। प्रदेश की महिलाएं अब सभी क्षेत्रों में अपनी महत्वपूर्ण सहभागिता और योगदान प्रदान कर रही हैं। आगे बढ़ कर अपने परिवार का सहारा बन रही हैं। ऐसे ही महिलाएं अब अपने गांव में ही कमाई के कई रास्ते निकालने लगी हैं। खेती-किसानी और घर के कामों के साथ महिलाओं ने अतिरिक्त आय के जरिये को अपनाया हैं। इससे न सिर्फ उनमें आत्मनिर्भरता आई है बल्कि उनका हौसला भी बढ़ा है। राज्य सरकार भी महिलाओं के इसी आत्मविश्वास को जगाकर उन्हें आगे बढ़ने में मदद कर रही है। इन्ही सबलाओं में बेमेतरा जिले के साजा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत टिपनी की जय महामाया स्व सहायता समूह की 12 महिलाएं भी शामिल हैं, जिन्होंने अपने काम से अपनी पहचान बनाई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) अन्तर्गत प्रशिक्षण लेने के बाद समूह की महिलाओं ने 14 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाकर 24 हजार रुपए कमाएं। ये महिलाएं अब वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने के साथ ग्रामीणों को पारंपरिक खाद बनाने का प्रशिक्षण भी दे रही हैं। समूह की महिलाओं ने बताया कि इससे पर्यावरण के साथ भूमि को कोई नुकसान नहीं होता है बल्कि इसके भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ती है और फसल की पैदावार भी अच्छी होती है।

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