GLIBS

स्कूली बच्चों ने नाटक के माध्यम से दिया मानसिक स्वास्थ्य का संदेश

राहुल चौबे  | 10 Oct , 2019 07:59 PM
स्कूली बच्चों ने नाटक के माध्यम से दिया मानसिक स्वास्थ्य का संदेश

रायपुर। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर 10 अक्टूबर को  थीम 'आत्महत्या की रोकथाम पर ध्यान' विषय पर केंद्रित करते हुए प्रदेश सहित राजधानी में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ प्रियंका शुक्ल द्वारा बनाए गए स्लोगन  'आसा अउ बिस्वास जगाबो, आत्महत्या के बिचार ला दूर भगाबो' 'तोर जगह कोई नइ ले सके' पर आधारित जागरुकता कार्यक्रम 9 से 12 अक्टूबर तक सभी जिलों में विभिन्न कार्यक्रम किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में नाटक के माध्यम से संदेश देते हुए मनोरोगियों की पहचान एवं इलाज, सेल्फी कंपटीशन और तनाव प्रबंधन पर आधारित कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। आज रायपुर नगर निगम के आमानाका स्थित सामुदायिक भवन कुकुरबेड़ा मुहल्ले में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर और  नाटक का मंचन और जनचौपाल के तहत नशा मुक्ति पर चर्चा की गई।  कार्यक्रम का मूल उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति लोगों में जनजागरुकता को बढ़ाना देना है। साथ ही क्षणिक आवेश में लिए जाने वाले आत्महत्या जैसे फैसलों को रोकने के लिए बच्चों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक के माध्यम से  संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। अध्ययन ऐकडमी स्कूल एकता नगर गुढिय़ारी के स्कूली बच्चों ने किसानों की आर्थिक तंगी और साहूकार के कर्ज से लदे किसान जो मौसम की मार से फसल चौपट होने पर परेशानियों से जूझता है और कर्ज के बोझ में आत्महत्या जैसे कदम उठाने को विवश होता है। इसी तरह एक अन्य नाटक में आधुनिक जीवनशैली में माता-पिता बच्चों को कम समय देते हैं। बच्चा घर में खुद को अकेला महसूस करने लगता है और घर परिवार को छोड़कर किशोर मन विचलित होकर चला जाता है। ऐसे समय में परिवार में माता पिता को बच्चों को एक दोस्त की तरह व्यवहार करना चाहिए। इस तरह नाटक जरिये शराब के नशे में परिवार में कलह से होने वाले प्रभाव को भी मंच में प्रस्तुति दी गई। वहीं बच्चों में मोबाइल गेम और बुरी संगत की वजह से नशे की लत लगने से पढ़ाई लिखाई पर होने वाले असर को भी बारिकी से अभिनय के माध्यम से पेश किया गया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत संदेशप्रद अभिनय को लोगों ने खूब सराहा। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए सहायक चिकित्सा अधिकारी डॉ डीएस परिहार ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से साथी उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए हेल्थ चेकअप का आयोजन भी किया गया। हेल्थ चेकअप के माध्यम से लोगों को लोगों में बीपी, शुगर, हाइपरटेंशन,  कैंसर एवं ब्रेस्ट कैंसर की जांच भी महिला चिकित्सकों द्वारा की गई। स्वास्थ्य शिविर में लगभग 200 से अधिक लोगों ने  जांच कराई। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के उपसंचालक डॉ. महेंद्र सिंह ने बताया कि समाज व परिवार के बीच संवादहीनता की वजह से बढ़ते तनाव कई तरह की सामाजिक बुराइयों को जन्म देता है। इसलिए हमारे आसपास जब भी कोई तनाव से ग्रसित हो तो हमें उसकी सहायता करनी चाहिए। मनोवैज्ञानिक  ममता गिरी गोस्वामी ने समुदाय में जागरुकता लाने के लिए जनचौपाल आयोजित कर नशापान से होने वाले दुष्प्रभावों पर चर्चा की। इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी व जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के नोडल अधिकरी डॉ एसके सिन्हा, डीपीएम रंजना पैकरा, मनोरोग प्रभारी चिकित्सा अधिकरी स्पर्श क्लीनिक जिला अस्पताल डॉ संजीव मेश्राम, सहायक चिकित्सा अधिकारी डॉ. संध्या सिंह, स्टाफ नर्स हेमलता साहू, किरण शर्मा, अध्ययन एकेडमी की प्रिंसिपल  ऊषा सिंह, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्कूली छात्र, स्थानीय जनप्रतिनिधि और नागरिक भी उपस्थित हुए।

 

Author/Journalist owns and is responsible for views/news published and the publisher/printer is in no way liable for such content.