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लॉक डाउन के दौरान पति-पत्नी के बीच सखी सेंटर ने कराई सुलह, अब तक 623 प्रकरणों का हो चुका है निराकरण

गिरीश जोशी  | 22 Apr , 2020 11:10 AM
लॉक डाउन के दौरान पति-पत्नी के बीच सखी सेंटर ने कराई सुलह, अब तक 623 प्रकरणों का हो चुका है निराकरण

कोंडागांव। विगत दिनों लॉक डाउन के दौरान संपूर्ण देश मे बन्द दरवाजों के पीछे होने वाले अपराधों में लगातार इजाफा देखने को मिला है। ऐसे में सखी सेंटर्स ऐसी महिलाओं की मदद के लिए बढ़ चढ़ कर आगे आये हैं। ऐसा ही एक वाक्या विगत दिनों कोण्डागांव के सखी सेंटर में आया जब एक महिला को उंसके पति ने छोटी बातों पर हुई कहासुनी को लेकर घर से बच्चे के साथ निकल दिया। ऐसी विषम परिस्थिति में महिला को अपने परिजनों के पास जाने के लिए लॉक डाउन में कोई परिवहन का साधन भी प्राप्त नही हुआ। असहाय अवस्था मे वह सखी सेंटर के दरवाजे पर पहुंची जहां उसे आश्रय मिला। जहां पहुँचने पर सर्वप्रथम सखी सेंटर के कर्मचारियों ने कोविड-19 से बचने के लिए सरकार द्वारा दिये गए निर्देश का पालन करते हुए उसे हाँथ धूला कर मास्क पहना कर अंदर लाया। महिला की आप बीती सुनने के बाद सखी सेंटर प्रमुख रीता चालकी ने तुरन्त इसकी सूचना कोण्डागांव थाना प्रमुख को दी साथ ही महिला एवं बच्चे के लिए स्वल्पाहार का इंतेजाम किया गया। फिर महिला के पति से मोबाइल कॉल पर सखी सेंटर प्रमुख द्वारा बात की गयी और पति ने कॉउंसलिंग के बाद महिला के साथ रहने में सहमति जताई। महिला को उंसके बच्चे और सखी सेंटर स्टाफ के साथ कोण्डागांव कोतवाली पुलिस की सहायता से उसके घर तक ले जाया गया। जहाँ पर पुलिस ने पति को समझाइश भी दी एवं सहभागी रूप से जीवन यापन करने की सलाह भी दी। ज्ञात हो कि इस संकट की स्थिति में भी सखी सेंटर इस प्रकार की मजबूर एवं असहाय महिलाओं के लिए अनवतर खुला हुआ है, जहां घरेलू हिंसा एवं प्रताड़ित सभी महिलाओं महिलाओं को संरक्षण एवं आश्रय मिल रहा है। अब तक लाॅकडाउन में सखी केन्द्र में कुल 4 प्रकरण आये है, जिसमें 2 घरेलू हिंसा एवं 2 कोण्डागांव थाने से आश्रय के लिए लाए गए थे।

कोरोना वायरस से सुरक्षा के लिए दिए जा रहे जरूरी किट 

सखी सेंटर प्रमुख ने बताया कि कोरोना महामारी के प्रकोप के चलते संरक्षण में रह रही महिलाओं को सुरक्षा के लिए सैनिटाइजर, मास्क, बेसिक, दवाइयां और आवश्यकता अनुसार उपयोगी किट प्रदान किए जा रहे हैं। सखी केन्द्र के कर्मचारी लगातार लाॅकडाउन का पालन करते हुए, सोशल डिस्टेंस का ध्यान रखते हुए ही कार्यरत हैं।

अब तक 623 प्रकरणों का हुआ है निराकरण 

सखी वन स्टाॅप सेंटर की स्थापना केंद्र प्रायोजित योजना के अंतर्गत कोण्डागांव में वर्ष 2017 में हुई थी। तब से वर्तमान वर्ष तक यहां कुल 664 प्रकरणों को दर्ज किए गए, इसमें से 623 प्रकरणों का निराकरण किया जा चुका है, अब तक कुल 257 महिलाओं एवं बालिकाओं को आश्रय दिया जा चुका है।

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