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गर्मी में धान की बजाय दूसरी फसल लेने के लिए प्रोत्साहित करने के आ रहेे अच्छे नतीजे

संध्या सिंह  | 24 Jan , 2020 10:38 AM
गर्मी में धान की बजाय दूसरी फसल लेने के लिए प्रोत्साहित करने के आ रहेे अच्छे नतीजे

दुर्ग। गर्मी में धान से इतर दूसरी फसल लेने किसानों को प्रोत्साहित करने के नतीजे सामने आ रहे हैं। पिछली बार मक्का का रकबा 6597 हेक्टेयर था, इस बार यह रकबा 8347 हेक्टेयर हो गया। संभागायुक्त दिलीप वासनीकर ने संभाग स्तरीय अधिकारियों की बैठक की शुरूआत गर्मी में धान इतर फसल के प्रोत्साहन को लेकर ही की। संयुक्त संचालक कृषि ने बताया कि मोहला-मानपुर में और कवर्धा में मक्का के क्षेत्र के रकबे में काफी विस्तार हुआ है। दलहन और तिलहन के विस्तार के लिए भी मिनीकिट का वितरण किया गया है। पैरादान के मामले में भी संभाग में काफी प्रगति हुई है और अब तक पचास हजार क्विंटल पैरादान हो चुका है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खरीफ में 7 प्रतिशत किसानों की बढ़ोत्तरी हुई और 25 प्रतिशत रकबे का विस्तार हुआ। रबी के लिए भी अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।

संभागायुक्त ने कहा कि इसके साथ ही कंपोस्ट खाद के माध्यम से जैविक खेती की ओर भी अधिकाधिक किसानों को बढ़ाने का लक्ष्य लेकर कार्य करें। सभी आदिवासी छात्रावासों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराएं तथा इस संबंध में अवगत कराएं। संभागायुक्त ने जिला कार्यक्रम अधिकारी से आंगनबाड़ी केंद्रों में मुनगा रोपण के संबंध में भी जानकारी ली।  उन्होंने धान खरीदी की भी विशेष रूप से समीक्षा की तथा धान की सुरक्षा और इसके समय समय पर प्रभावी उठाव के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। शेर की सुरक्षा और लोगों की सुरक्षा दोनों अहम, इसे देखते हुए रखें नजर- संभागायुक्त ने वन विभाग के अधिकारियों से मनगट्टा क्षेत्र में बीते दिनों घुस आए शेर के संबंध में पूछा। उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा बहुत अहम है। साथ ही शेर भी सुरक्षित रहे, इस तरह लगातार मानिटर करें और इस दिशा में लगातार शेर के लोकेशन की मानिटरिंग करें।

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