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हाट-बाजार क्लीनिक योजना से बीजापुर जिलेवासी हो रहे लाभान्वित

कुशल चोपडा  | 10 Oct , 2019 07:31 PM
हाट-बाजार क्लीनिक योजना से बीजापुर जिलेवासी हो रहे लाभान्वित

बीजापुर। बीजापुर जिले के हर आमो-खास तक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सरकार बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं में इजाफा कर रही है। सरकार की इसी सोच को अमलीजामा पहनाने के लिए जिले का स्वास्थ्य अमला काफी समय से सक्रिय है। जिलेवासियों को हर तरह का इलाज उनके गांव के हाट-बाजार एवं शहर के करीब हाट-बाजार क्लीनिक के माध्यम से पहुंचाया जा रहा है। जिले के मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बीआर पुजारी ने सरकारी मशीनरी को और अधिक संवेदनशील बनाकर उच्च दक्षता के साथ स्वास्थ्य सुविधाएं हाट-बाजारों में उपलब्ध करा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सप्ताह में एक दिन बाजार लगता है। बस्तर अंचल में साप्ताहिक हाट बाजार की बहुत पुरानी परपंरा रही है। यहां मीलों पैदल चलकर ग्रामीण अपने रोजमर्रा के जीवन-यापन की चीजों की खरीदी-ब्रिकी एवं विनिमय करते हैं। उन्हें वहीं पर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा हाट-बाजार क्लीनिक स्वास्थ्य योजना की शुरुआत पूरे प्रदेश में की गई है। बीजापुर जिले में यह प्रयास पिछले दो वर्षों से किया जा रहा था। पूर्व में यह सिर्फ टीकाकरण व अन्य स्वास्थ्य गतिविधियों तक सीमित था। लेकिन अब विशेषज्ञ चिकित्सक भी हाट-बाजार क्लीनिक के माध्यम से गांव-गांव में दस्तक दे रहे है। चालू वित्तीय वर्ष में माह अप्रैल से अब तक जिले में कुल 16,936 से ज्यादा ग्रामीण इस योजना से लाभान्वित हो चुके है। शिविर में डॉक्टर, आरएमए, स्टॉफ नर्स, एएनएम एवं अन्य स्वास्थ्य अमले द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। दूर दूराज एवं दुर्गम क्षेत्रों में रहने वालों के लिए यह योजना वरदान सिद्ध हो रही है। सितम्बर में जिले के 04 जनपद पंचायत क्षेत्रों क्रमश: बीजापुर, भैरमगढ़, उसूर और भोपालपटनम में लगाये गए कुल 21 हाट-बाजारों में 21 मेडिकल टीमों द्वारा 2792 मरीजों का उपचार किया गया हैै। इन हाट-बाजार क्लीनिक में मुख्यत: मलेरिया, एचआईवी, टीबी, एनीमिया, कुष्ठ की पहचान एवं उपचार, रक्तचाप, मधुमेह, गर्भवती महिलाओं की जांच, शिशुओं का टीकाकरण, नेत्र विकार, डायरिया, चर्मरोग, दाद, खाज, खुजली, साधारण बुखार से संबंधित मरीजों का नि:शुलक इलाज किया गया है।


 

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