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शहर के तालाबों को संवारने रायपुर स्मार्ट सिटी ने किए कई प्रबंध,प्रदूषित जल को रोकना बड़ा चैलेंज

रविशंकर शर्मा  | 03 Jul , 2020 09:41 PM
शहर के तालाबों को संवारने रायपुर स्मार्ट सिटी ने किए कई प्रबंध,प्रदूषित जल को रोकना बड़ा चैलेंज

रायपुर। तालाबों के शहर के रूप में ख्याति प्राप्त रायपुर के तालाबों को संरक्षित करने और सर्व सुविधायुक्त बनाने महापौर एजाज ढेबर की पहल पर कई प्रबंध किए गए हैं। रायपुर स्मार्ट सिटी लि. के प्रबंध संचालक सौरभ कुमार के निर्देश पर शहर के आमापारा तालाब, साबुन डबरा तालाब, गांव डबरी तालाब, पुराना तालाब, चिरौंजी तालाब, गोपिया डबरी तालाब, गुढ़ियारी के कुकरी तालाब, शीतला तालाब, चंगोराभाठा के नया तालाब का कायाकल्प जैविक पद्धति से किए जाने के लिए कार्य प्रारंभ किया गया है। इसके अलावा अमलीडीह अपना तालाब, करबला तालाब, खम्हारडीह के बड़ा तालाब के कायाकल्प के लिए काम शुरू कर दिया गया है। जल संरक्षण के साथ ही इन्हें आकर्षक स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से भी सौंदर्यीकरण कार्य रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से कराया जा रहा है।
स्मार्ट सिटी लि. के महाप्रबंधक तकनीकी एसके सुंदरानी ने कहा कि वर्तमान में 2 करोड़ रुपए की लागत से नरैय्या तालाब का सौंदर्यीकरण का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। तालाबों में प्रदूषित जल का प्रवाह एक बड़ी समस्या है। रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से तेलीबांधा में एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) स्थापित किया गया है। इसके अलावा बूढ़ातालाब में एसटीपी लगाने का कार्य प्रगति पर है। शहर के तीन अन्य प्रमुख तालाब नरैय्या, कारी और बंधवा (प्रहलदवा और खो-खो तालाब को शामिल कर) में एसटीपी स्थापित किए जाने के लिए निविदा आमंत्रित की जा चुकी है। स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से तेलीबांधा तालाब के शुद्धिकरण के लिए जैविक पद्धति अपनाई गई है, जिसे देश में एक मॉडल के तौर पर देखा जाता है। बूढ़ातालाब की सफाई व सौंदर्यीकरण का कार्य इस समय प्रगति पर है।

 

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