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एम्स के सामने फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने किया मौन प्रदर्शन, कहा-मांग पूरी नहीं होने पर दवा व्यवस्था करेंगे बाधित

एम्स के सामने फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने किया मौन प्रदर्शन, कहा-मांग पूरी नहीं होने पर दवा व्यवस्था करेंगे बाधित

रायपुर। राजधानी के एम्स अस्पताल के सामने फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने गुरुवार को मौन प्रदर्शन किया। एसोसिएशन ने कहा कि अगर जल्द से जल्द मांग पूरी नहीं होती है तो अस्पताल के दवा व्यवस्था को पूर्ण रूप से बाधित कर दिया जाएगा। दरअसल, एम्स रायपुर प्रबंधन के अड़ियल रवैए के खिलाफ फार्मासिस्टों ने मानव श्रृंखला बनाकर मौन प्रदर्शन किया। इंडियन फार्मासिस्ट एसोसिएशन (IPA) विगत कई वर्षों से रायपुर एम्स में फार्मासिस्ट की नियमित भर्ती करने, ड्रग इनफार्मेशन सेंटर (DIC) शुरू करने और ड्रग इनफार्मेशन सेंटर में फार्मासिस्ट नियुक्त करने के साथ ही फार्मेकोविजिलेंस विभाग शुरू करने, एम्स परिसर में जन औषधी दवा दुकान खोलने आदि की मांग कर रहा है। लेकिन एम्स रायपुर प्रबंधन ने एक भी मांग पूरी नहीं की।

पिछले दिनों प्रबंधन से उक्त विषयों को लेकर पैनल मीटिंग भी हुई थी लेकिन, भर्तियां करने के बजाय उल्टा संविदा फार्मासिस्ट वंदना देवांगन को बिना कोई कारण नौकरी से निकाल दिया गया। इसका कारण उप निदेशक से जानना चाहा तब उनके द्वारा निकाले गए कर्मचारी फार्मासिस्ट वंदना देवांगन को आईपीए से त्यागपत्र देने, आईपीए के द्वारा माफीनामा पत्र लिखने पर दोबारा नौकरी पर रखने की बात कही गई। एम्स रायपुर 2012 से स्थापित है, नौ साल हो चुके लेकिन आज तक स्वीकृत 40 फार्मासिस्ट संवर्ग के एक भी पद पर भर्ती नहीं हुई है, बल्कि 32 सुपरस्पेसीलीटी वाले अस्पताल में दवा प्रबंधन वार्ड ब्वाय और नर्स कर रहे हैं। भारत सरकार के कानून फार्मेसी एक्ट 1948 नियम 42 के मुताबिक गैर पंजीकृत फार्मासिस्ट द्वारा दवा डिस्पेन्स करने पर छः माह कारावास और एक हजार जुर्माने का प्रावधान है। एम्स प्रबंधन के तानाशाही रैवैय्ये और अमानवीय व्यवहार से प्रदेश भर के फार्मासिस्ट आक्रोशित हैं। आईपीए ने चेतावनी दी है कि मांगों का जल्द निराकरण नहीं होने पर देशभर में प्रदर्शन होंगे और दवा व्यवस्था को पूर्णरूपेण बाधित किया जाएगा।

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