GLIBS

उचित प्रबंधन न होने पर लोग होते हैं डिप्रेशन का शिकार

राहुल चौबे  | 08 Nov , 2019 08:05 PM
उचित प्रबंधन न होने पर लोग होते हैं डिप्रेशन का शिकार

रायपुर। जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सड्डू रायपुर के विद्यार्थियों को विद्यार्थी जीवन में तनाव प्रबंधन के गुण सिखाए गए। इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य जेएस सिकरवार और स्पर्श क्लीनिक की साइकोलॉजिस्ट ममता गिरी गोस्वामी उपस्थित रहीं। मुख्य प्रशिक्षक एवं क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट ममता गिरी गोस्वामी ने विद्यार्थियों से कहा कि तनाव से बचा नहीं जा सकता क्योंकि तनाव जीवन का एक हिस्सा है लेकिन इसको आसानी से कम किया जा सकता है। जरूरी यह है तनाव को पहचान कर और उसके बारे में जानकारी लेकर इसका का प्रबंधन कर सकें। उन्होंने कहा कि पहले परिवार संयुक्त होते थे लेकिन अब एकल हो रहे हैं जिसके कारण परेशानियों को बांटने वाला कोई नहीं होता जिस कारण से तनाव बढ़ जाता है। उचित प्रबंधन न होने पर लोग डिप्रेशन के शिकार हो जाते हैं। एक्यूट स्ट्रेस रिएक्शन, पोस्ट पोमाटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (पीटीएसडी) भी हो सकता है। इन सबसे बचने के लिए आपसी समन्वय से तनाव का प्रबंधन करना होगा। सहायक चिकित्सा अधिकारी एवं चिकित्सा मनोवैज्ञानिक स्पर्श क्लीनिक जिला चिकित्सालय रायपुर के डॉ. डीएस परिहार ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षणों  का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को विद्यार्थी जीवन में हो रही परेशानियों से छुटकारा दिलाना है।

Author/Journalist owns and is responsible for views/news published and the publisher/printer is in no way liable for such content.