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रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मोबाइल बंद कर सबसे पहले अपने परिजनों को जोखिम में डाल रहे लोग, स्वास्थ्य विभाग ने की अपील

रविशंकर शर्मा  | 15 Sep , 2020 07:47 PM
रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर मोबाइल बंद कर सबसे पहले अपने परिजनों को जोखिम में डाल रहे लोग, स्वास्थ्य विभाग ने की अपील

रायपुर। राजधानी में बढ़ते केस के मध्य रायपुर की जनता के मन में आशंका है कि, टेस्ट कराने पर यदि कोराना पॉजिटिव आ गए तो क्या होगा। अस्पताल के अलावा कोई विकल्प है क्या? इस डर से कई लोग टेस्ट के बाद अपना मोबाइल बंद कर ले रहे हैं, जो बिल्कुल सही नहीं है। ना उनके लिए और ना ही उनके प्रियजनों के लिए ,जिनकी जान वे जोखिम में डाल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अपील भी की है कि, जिन व्यक्तियों ने अपने कोरोना पॉजिटिव होने की बात छुपाई है, वे आगे आएं और अपना इलाज कराएं। अपने परिजनों को भी कोरोना बीमारी सें बचाएं। चिकित्सकों का मानना है और यह साबित भी हो गया है कि, समय पर इलाज से मरीज पूरी तरह ठीक हो सकते हैं। इसकी सिलसिलेवार प्रक्रिया यह है कि, रैपिड एंटीजेन का परिणाम जल्दी आता है और यदि आरटाीपीसीआर कराया है, तो टेस्ट कराने के दूसरे या तीसरे दिन रिजल्ट आता है। यदि कोई व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया और उसमें कोरोना के कोई लक्षण नही हैं, तो उसे विकल्प दिया जाएगा।  व्यक्ति अपने घर पर ही रहकर चिकित्सक की देखरेख में इलाज कराएं या निजी अस्पताल या कोविड केयर सेंटर में भरती हो जाएं।

उसी समय कोरोना पॉजिटिव मरीज के फोन में होम आइसोलेशन का लिंक भी भेजा जाएगा, जिसमें कुछ सरल सी जानकारी देनी रहती है। उसे भरकर आनलाइन जमा करना होगा। यदि व्यक्ति को जानकारी भरने में परेशानी हो तो 7566100283 में संपर्क कर मदद ली जा सकती है। यदि मरीज के घर मे उसे रखने के लिए पृथक से कमरा शौचालय और बाथरूम युक्त है ,तो अधिकारी सर्वेक्षण कर अनुमति दे देते हैं। होम आइसोलेशन एप के जरिए सरकारी और निजी चिकित्सक, मरीजों से जुड़े हुए हैं।रायपुर जिला प्रशासन की ओर से विशेष व्यवस्था के तहत कलेक्टोरेट में आइसोलेशन कंट्रोल रूम बनाया गया है, जो 24 घंटे सातों दिन काम कर रहा है। यहां से होम आइसोलेशन के मरीजों से लगातार संवाद कर उनकी तबीयत पूछी जाती है। यहां स्वास्थ्य विभाग के काउंसलर की ओर से भी मरीजों से बात कर उनकी समस्याएं सुनी जाती हैं। रात के समय या किसी भी समय यदि मरीज की तबीयत बिगड़ती है, तो एंबुलेंस भिजवा कर मरीज को अस्पताल भर्ती किया जाता है। कोविड मरीजों के लिए आपातकालीन नंबर भी हैं (7566100283,7566100284,7566100285)इसमेंं फोन कर सहायता ली जा सकती है।

 

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