GLIBS

सुपेबेड़ा से डायलिसिस के मरीजों को अब नहीं आना पड़ेगा रायपुर,देवभोग में ही उपलब्ध होगा फ्लूइड

रविशंकर शर्मा  | 18 Oct , 2020 04:43 PM
सुपेबेड़ा से डायलिसिस के मरीजों को अब नहीं आना पड़ेगा रायपुर,देवभोग में ही उपलब्ध होगा फ्लूइड

रायपुर। किडनी रोग से प्रभावित सुपेबेड़ा के लोगों को अब पेरेटोनियल डायलिसिस के लिए जरूरी फ्लूइड (Fluid) लेने रायपुर नहीं आना पड़ेगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की राज्य इकाई ने इसके लिए फ्लूइड अब देवभोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही उपलब्ध करा दिया है। नियमित पेरेटोनियल डायलिसिस कराने वाले सुपेबेड़ा के एक मरीज को इसके लिए फ्लूइड 17 अक्टूबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से दिया गया। देवभोग में ही फ्लूइड मिलने से कोरोना संक्रमण के खतरों के बीच अब मरीजों को डायलिसिस के लिए बार-बार रायपुर नहीं आना पड़ेगा। किडनी के मरीजों में कोरोना संक्रमण घातक होता है। स्थानीय स्तर पर फ्लूइड मिलने से मरीजों और उसके परिजनों के रायपुर आने-जाने में लगने वाले समय, श्रम और धन की बचत होगी। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव की पहल पर सुपेबेड़ा के किडनी प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और एम्स रायपुर की ओर से पेरेटोनियल डायलिसिस के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इसके तहत डायलिसिस के लिए एम्स की ओर से मरीज और उनके परिजनों को प्रशिक्षित किया जा रहा है।

देवभोग स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों और स्टॉफ को भी किडनी रोग के इलाज के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। ये डायलिसिस वाले मरीजों की नियमित निगरानी कर उनका फॉलो-अप लेंगे। सुपेबेड़ा में डायलिसिस के लिए जरूरी फ्लूइड की आपूर्ति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से की जा रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला ने कहा कि सुपेबेड़ा के मरीजों के पेरेटोनियल डायलिसिस के लिए 2 करोड़ 40 लाख रुपए का बजट स्वीकृत किया गया है। इसके अंतर्गत वहां 100 मरीजों के डायलिसिस का प्रबंध किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के परिणाम को देखते हुए जरूरत के अनुसार बजट बढ़ाया जाएगा। घर में किए जाने वाले पेरेटोनियल डायलिसिस के दौरान किसी तरह की समस्या आने पर मरीज को तुरंत उपचार के लिए देवभोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया जा सकता है। गंभीर मरीजों को वहां से रायपुर भी रिफर किया जाएगा।

 

Author/Journalist owns and is responsible for views/news published and the publisher/printer is in no way liable for such content.